राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज ईद-उल-फितर के मौके पर देश के सभी नागरिकों को मुबारकबाद दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका सहित तीन देशों की यात्रा के लिए आज रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री पहले पुर्तगाल और नीदरलैंड जाएंगे और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने अमेरिका जाएंगे।
इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित एक किताब का विमोचन करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वर्गीय इंदिरा गांधी को भारत की सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री बताया है। इस समय हार के दौर से गुजर रही कांग्रेस को इंदिरा गांधी का उदाहरण भी दिया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर अंत: सरकारी चर्चाओं में विचार के लिए नई श्रेणियों का सूत्रपात करने का भारत ने विरोध किया है। भारत का कहना है कि संरा की इस संस्था में सदस्यता बढ़ाने के लिए पहले से ठुकराए जा चुके विकल्पों को नए प्रारूप में लाकर नए प्रस्ताव की तरह पेश करना अस्वीकार्य है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘राष्ट्र ऋषि’ बताते हुए कहा कि वह हमेशा राष्ट्र ऋषि के रूप में याद किए जाएंगे। रामदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश का गौरव बढ़ाया है, जो देश को वरदान के रूप में मिले हैं।
बड़ों से लेकर बूढ़ों तक सभी को चॉकलेट बहुत पसंद है। इन दिनों ख़ास मौकों और त्योहारों पर भी चॉकलेट के बड़े पैकेट उपहार में देने का चलन है। यही वजह है कि भारत दुनिया में सबसे तेज चॉकलेट का बढ़ता बाजार बन गया है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बिक्री में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
शहीद जवान के परिवार की मदद के लिए आगे आने वाले बॉलिवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने एक बार फिर देश के लोगों से सुकमा नक्सली हमले में शहीद जवानों के परिवारों की मदद करने की अपील की है। 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हो गए थे।
देश के अगले राष्ट्रपति के लिए भाजपा की सहयोगी शिवसेना आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत का नाम आगे बढ़ाया है। शिवसेना ने एनडीए और पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि भारत को 'हिंदू राष्ट्र' बनाने के लिए भागवत को राष्ट्रपति बनाना बेहद ज़रूरी है।
भारत ने देश के शहरी इलाकों के कार्यबल में महिलाओं की काफी कम भागीदारी में सुधार की जरूरत बताते कहा कि दुनिया भर में प्रभावी महिला सशक्तिकरण को लेकर अब भी काफी चुनौतियां हैं।