एक ओर जहां महागठबंधन तोड़ नीतीश कुमार ने बिहार में भाजपा के साथ हाथ मिलाकर नई सरकार बना ली है, तो वहीं जद (यू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिया है।
जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव की ओर से आयोजित ‘साझा विरासत बचाओ सम्मेलन’ में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर अपनी ताकत का अहसास कराया। सम्मेलन में जुटे विपक्षी नेताओं ने गुजरात विधानसभा तथा देश के अगले आम चुनाव के लिए विघटनकारी ताकतों को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। सम्मेलन में विपक्षी दलों के नेता जिस तरह से जुटे उसे सियासी हलकों में अहम माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा में विश्वासमत की कार्यवाही चल रही है, वहीं आरजेडी के नेता तेजस्वी को विपक्षी दल का नेता चुन लिया गया है। इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार हे राम से जय श्रीराम हो गए।
बिहार में जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने पर विपक्ष निराश है। विपक्ष के ज्यादातर दलों का कहा है कि नीतीश कुमार को किसी भी तरह से गठबंधन बचाना चाहिए था। वहीं जेडीयू का कहना है कि हमने बहुत कोशिश की।
कांग्रेस के प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि पारदर्शिता की बात करने वाले नायडू ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकार को नुकसान पहुंचाया और बेटी तथा बेटे को पांच सौ करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के समर्थन को लेकर असमंजस में रहने वाली बीजेडी ने आखिरकार अपना पत्ता खोल दिया है। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने वाले बीजेडी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को समर्थन देने का फैसला किया है।
शिवसेना ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। उपराष्ट्रपति चुनाव में गोपाल कृष्ण गांधी को विपक्षी दलों की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने पर शिवसेना ने कटाक्ष किया है।
संसद का मानसूत्र सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। हालांकि आज संसद दोनों सदनों के वर्तमान सदस्यों के निधन के मद्देनजर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद दिनभर के लिये स्थगित हो जायेगी लेकिन इसके बाद कई मुद्दों पर विपक्षी दल सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेंगी।