समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खान अक्सर अपने विवादास्पद और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि उनमें मोदी जैसे कई गुण हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मोदी की तरह चाय बनाना आता है, ड्रम बजा सकते हैं इसलिए प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट उम्मीदवार हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सूरत में सभा से ठीक पहले विरोध में जमकर नारेबाजी हुई और काले झंडे दिखाए गए। सभा में केजरीवाल पाकिस्तान जाओ का नारा भी लगा। उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक पर केजरीवाल के सवाल से कार्यकर्ता नाराज थे। खास बात यह है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का एक पूर्व सहयोगी विरोध प्रदर्शन को लीड कर रहा था।
दलित नेता एवं उत्तर पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद उदित राज ने निजी क्षेत्र और पदोन्नति में आरक्षण के लिए कानून बनाने की मांग करते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ की ओर से देशव्यापी आंदोलन चलाने और 28 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने का ऐलान किया।
भारत में कनाडा के उच्चायोग ने लड़कियों के सशक्तीकरण के समर्थन में शुक्रवार को रन फॉर हर दौड़ का आयोजन किया। इस दौड़ में सैंकड़ों की संख्या में छात्रों के साथ ही विभिन्न समुदाय के नेता भी शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित सूबे में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने अपनी इस मंशा से कांग्रेस आलाकमान को भी अवगत करा दिया है। हालांकि शीला दीक्षित का कहना है कि चुनाव नहीं लड़ने पर यह उनका अपना फैसला है। लेकिन इस पर पार्टी आलाकमान का निर्णय ही अंतिम होगा।
आरएसएस के विद्रोही नेता सुभाष वेलिंगकर की तुलना भगवान कृष्ण से करते हुए शिवसेना ने आज दावा किया कि अगले साल गोवा विधानसभा चुनाव में जीत के लिए वेलिंगकर गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी दलों का मार्गदर्शन करेंगे।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की पाक नीति में स्थायित्व नहीं है और वह यह तय नहीं कर पाई है कि उड़ी हमले के बाद क्या नीति अपनाए।
कश्मीर में हिंसा और बंद को सरकार के राजपत्रित अधिकारी और पुलिस कर्मी भी हवा दे रहे हैं। अलगाववादियों की मंशा को पूरा करने में अधिकारी बराबर मदद कर रहे हैं। ऐसे 150 सरकारी मुलाजिमों की अब तक पहचान की जा चुकी है। सूबे की सरकार ने हालांकि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।