लोगों का आरोप है कि बांध के चलते बेघर हुए लोगों के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। विरोध प्रदर्शन में श्ाामिल एक व्यक्ति ने बताया कि ये सरकार शव के समान है, जो किसी की बात नहीं सुनती।
आमतौर पर जन आंदोलनों की तरफ ध्यान तभी जाता है जब कोई बड़ी हस्ती शामिल हो या कहीं हिंसा भड़क जाए। लेकिन पिछले दो हफ्ते से राजस्थान के शेखावाटी में फैला किसान आंदोलन न सिर्फ शांतिपूर्ण है बल्कि अपने मुद्दों और मकसद पर कायम भी है।
एसडीएम राशिद खान ने कहा है कि संभल तहसील के तहत सभी थानों को एलर्ट कर कहा गया है कि बकरीद के मौके पर अगर कोई बकरीद पर गाय, भैंस, ऊंट या बैल की कुर्बानी देता है तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा