फसलों के उचित दाम और कर्ज माफी जैसे मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसान आंदोलन उग्र होता जा रहा है। आंदोलन में फूट डालने की भाजपा सरकार की कोशिशें बेअसर होती दिख रही हैं।
चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पुरे होने पर देश व्यापक विमर्श के दौर से गुजर रहा है,किसी को गाँधी याद आ रहे हैं,किसी को सत्याग्रह,किसी को अंग्रेजी शासन की क्रूरता, इस बीच जो याद नहीं किया जा रहा है वो है किसान।
फिदेल कास्त्रो ने 1983 के गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में इंदिरा गांधी से गले मिलकर उनका अभिवादन किया था जो उनके भारत के साथ प्रगाढ़ संबंधों को प्रदर्शित करता था। भारत इस विख्यात जूझारू नेता को सदैव अपने एक बड़े मित्र के रूप में देखता रहा है।
मंच के कवि होने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय कुमार विश्वास के मुताबिक केंद्र की सरकारों ने उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया और राजनीतिक विचार नहीं मिलने के कारण उन्हें सरकारी कार्यक्रमों तक में आमंत्रित नहीं किया जाता।
जेएनयू प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों से परिसर में विघ्नकारी राजनीति और प्रदर्शनों को हतोत्साहित करने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि इससे विश्वविद्यालय का सुगमतापूर्वक चलने वाला कामकाज बाधित हो रहा है और प्रदर्शनों के जरिए अतार्किक मांगें उठायी जा रही हैं।
केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा अपनी निजी पहल के तहत कश्मीर समस्या पर हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की है। सूत्रों ने इन ख़बरों को निराधार बताया कि सरकार की पहल पर सिन्हा के नेतृत्व में एक दल हुर्रियत नेताओं से जम्मू-कश्मीर में बात कर रहा है। सरकार ने कहा कि सिन्हा अपनी पहल पर ही कश्मीर गए हैं।