ईरानी में राष्ट्रपति हसन रूहानी के नये कार्यकाल के शुरू होते ही उनकी आलोचनाओं का दौर भी शुरू हो गया है। उनके ऊपर रूढ़िवादियों को परेशान करने के आरोप लग रहे हैं। 68 वर्षीय धार्मिक नेता रूहानी को उदारवादी माना जाता है।
अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं पर हुए हमले के बाद इस पर राजनीति भी तेज हो गई है। केन्द्र सरकार को इस मामले पर आड़े हाथों लिया जा रहा है। एक ओर जहां केन्द्र सरकार विपक्षी पार्टियों की आलोचनाओं का शिकार हो रही है, वहीं अब एनडीए की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी केन्द्र पर सवाल उठाने खड़े कर दिए हैं।