देश के सामाजिक ताने-बाने को हमेशा के लिए बदल कर रख देने वाले 1984 के सिख विरोधी दंगों की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां को कहानियों के रूप में एक नई किताब में पेश किया गया है।
हिंदी फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने ऐ दिल है मुश्किल के अपने सह कलाकार अभिनेता रणबीर कपूर के लिए कहा कि वह अभिनेता के तौर पर लंबी पारी खेलेंगे और उनके जैसे युवा अभिनेता के लिए अपने करियर के शुरूआती सालों में ही इतनी अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाना असामान्य है।
इस बार दर्शकों के सामने दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आई हैं। दोनों चर्चित और बड़ी फिल्में हैं। लेकिन यदि दर्शकों जो भी फिल्म देख लें या तो वे कुएं में गिरेंगे या खाई में। अजय देवगन और करण जौहर दोनों ही ने अपनी कमजोर निर्देशकीय पारी खेली है।
अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने कहा है कि रॉक ऑन-2 में काम करना सपने के सच होने जैसा है और इस म्यूजिकल ड्रामा फिल्म में अपना गाना गाना तो सोने पर सुहागा की तरह हो गया। रॉक ऑन के दूसरे संस्करण रॉक ऑन-2 में 29 वर्षीय श्रद्धा भी काम कर रही हैं।
सुनहरे परदे से निकल कर राज कपूर की मशहूर फिल्म आवारा अब मंच पर एक नया अवतार लेगी। भारत और चीन एक समझौते के तहत बॉलीवुड के दिवंगत महान अभिनेता राज कपूर की लोकप्रिय फिल्म आवारा को भारत और चीन में थियेटर रूप में तैयार करेंगे।
राकेश ओम प्रकाश मेहरा थोड़े कनफ्यूज निर्देशक हैं। उनकी फिल्म रंग दे बसंती चली जरूरी थी, मगर उसमें भी बहुत कमियां थीं। भाग मिल्खा भाग तो फ्लाप ही थी। वह खुद ही नहीं समझ पाए थे कि मिल्खा को खिलाड़ी के तौर पर दिखाना है या व्यक्ति के तौर पर। अब आई है उनकी बहु प्रतीक्षित फिल्म मिर्जिया जिसे क्यों देखा जाए यह सोचना कठिन पहेली को सुलझाना है।
वेेश्यावृत्ति में किशोरियों के प्रवेश को रोकने की कोशिश के तहत यौन कर्मियों का एक संठगन देह व्यापार में शामिल होने वाली लड़कियों की उम्र का पता लगाने के लिए एक्स रे परीक्षण का इस्तेमाल एक उपकरण की तरह कर रहा है।
अभिनेता कुणाल कपूर ने पिछले सात सालों में केवल तीन फिल्मों में काम किया है लेकिन उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण काम की कीमत पर वह फिल्में नहीं करना चाहते हैं। एमएफ हुसैन की फिल्म मीनाक्षी से कैरियर की शुरूआत करने वाले और रंग दे बसंती से मशहूर हुये अभिनेता ने कहा कि उन्हें अच्छी भूमिकाएं नहीं मिलीं।
आरएसएस के सहयोगी संगठन असम की 31 आदिवासी लड़कियों को गुजरात और पंजाब में भगवा शिक्षा दिला रहे हैं। देश के कानून को धता बताते हुए असम के सीमावर्ती पांच जिलों से आदिवासी माता-पिता को बहला-फुसलाकर उनसे उनकी बेटियों को दूर कर दिया गया है। गुजरात और पंजाब में उन्हें हिंदूू जीवन प्रणाली अपनाने पर मजबूर किया जा रहा है।