उथल पुथल के इस दौर में लगता है राजनीति की तरह बाजार में भी महागठबंधन का युग आ गया है। जिस तरह करिश्माई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकस्त देने के लिए बाकी पार्टिया आपसी दुश्मनी को तिलांजलि देकर गठबंधन करने को मजबूर हो रही हैं, उसी तरह भारतीय टेलीकॉम उद्योग बाजार में मुंकेश अंबानी के जियो के लगातार बढ़ते प्रभाव को टक्कर देने के लिए दो टेलीकॉम दिग्गजों वोडाफोन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर ने महागठबंधन का सहारा लिया है। मजे की बात है अब तक जिनके खिलाफ गठबंधन को आजमाने की कोशिशें शुरु हुई हैं वे दोनों, मोदी और मुकेश अंबानी, गुजरात के हैं।
दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण टीडीसैट ने रिलायंस जियो की शुरूआती मुफ्त पेशकश फ्री ऑफर पर रोक नहीं लगाई। लेकिन उसने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई से रिलायंस को मुफ्त पेशकश जारी रखने की अनुमति से संबंधित मुद्दे का पुन: परीक्षण करने को कहा है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ऐतिहासिक जीत की ओर है। पीएम मोदी और अमित शाह की जुगलबंदी ने सपा और बसपा को तार-तार करते हुए जीत की प्रचंड पताका लहराई है। अब तक के रुझानों में पार्टी को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिलता दिख रहा है।
महेंद्र सिंह धोनी जब अंतिम बार भारतीय टीम की अगुआई के लिए उतरे तो एक अतिउत्साही प्रशंसक मैदान में घुस आया और उसने उनके पैर हुए जबकि इस दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ने बेहतरीन पारी खेली।
सरकार कॉल ड्रॉप पर दूरसंचार उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया जानने के लिये टॉल फ्री नंबर 1955 शुरू करने की योजना बना रही है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, कॉल ड्रॉप पर आईवीआरएस सिस्टम के लिये शार्ट कोड 1955 आवंटित किया गया है।
अर्थव्यवस्था में नकदी की बहुतायत को भ्रष्टाचार और काले धन का बड़ा स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोगों से नकदी रहित लेनदेन (कैशलेस ट्रांजेक्शन) की ओर बदलाव की राह पकड़ने की अपील की ताकि ऐसे मजबूत भारत की नींव रखी जा सके जहां इस तरह की समस्या के लिए कोई जगह नहीं रहे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की पत्नी अमृता फडनवीस की लाल ड्रेस को इंगित करते हुए आम आदमी पार्टी ने आरएसएस पर निशाना साधाा है। दरअसल एक म्यूजिक वीडियो के लिए अमृता फडनवीस लाल रंग की ड्रेस पहने, बॉलीवुड बादशाह अमिताभ बच्चन के साथ डांस करती नजर आ रही हैं।
नोटबंदी के फैसले से परेशान किसानों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा है कि इस समय चूंकि बुआई का समय है, इसलिए इसको देखते हुए किसान बीजों की खरीद में पूराने 500 रुपये के नोट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पांच सौ और हजार रूपये के बड़े नोटों के चलन से बाहर होने से फौरी तौर पर नकदी की भारी कमी हो जाने की वजह से शादी-विवाह का मौसम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वर्तमान हालात में कोई बड़ा उत्सव कर पाना काफी कठिन काम हो गया है।