आलोक कुमार और जितेन्द्र कुमार को नीति आयोग में पांच साल के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां शनिवार से प्रभावी हो गई हैं। आलोक उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि जितेंद्र उत्तराखंड कैडर के 1987 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के दूसरी बार मंच साझा न किए जाने का के कारण जनता दल यूनाइटेड जद (यू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ आने में आ रही अडचनों को लेकर चल रही अटकलों को बल मिला है।
वाणी प्रकाशन के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर एनेक्स में ‘एथनोग्रफिक-हिस्ट्री-ऑफ-बुक्स बनाम कहानी-किताब-की’ कार्यक्रम हुआ। वक्ताओं में आशीष नंदी, मृणाल पांडे और अभय कुमार दूबे थे। कार्यक्रम की शुरुआत वाणी के निदेशक अरुण महेश्वरी ने की। यह कार्यक्रम वाणी प्रकाशन के इक्क्यावनवें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया था।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को चलाने पर पाबंदी के अपने आदेश पर रोक 13 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी। प्राधिकरण ने इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की है।
नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल पूरा होने पर भारतीय जनता पार्टी अब लोकसभा चुनाव पूर्व हुई रैलियों की तर्ज पर सरकार की उपलब्धियों के बताएगी। ताकि जनता के बीच यह संदेश दिया जा सके कि सरकार ने एक साल में क्या-क्या कार्यक्रम शुरू किए और आगे क्या करने वाले हैं।
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जनता दल यूनाइटेड सहित जनता परिवार के छह दलों के साथ विलय के लिए तैयार दिख रहे थे। लेकिन अब वह विलय नहीं बल्कि गठबंधन चाहते हैं। ताकि राजद का वजूद बना रहे।
महाराणा प्रताप अचानक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण हो गए हैं। तभी तो उनकी जयंती को पूरे देश में राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को लेकर देश भर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है और बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में यह अभियान जोरों पर है।
कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार सहित पिछले 30 वर्ष के दौरान रहने वाली पूर्ववर्ती सरकारों की विदेशी धरती पर आलोचना इसलिए की क्योंकि देश में उनका विश्वास करने वाले अधिक लोग नहीं हैं।