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डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, कहा- सामूहिक रूप से कदम नहीं उठाने पर कोरोना से हो सकती हैं 20 लाख मौतें

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, कहा- सामूहिक रूप से कदम नहीं उठाने पर कोरोना से हो सकती हैं 20 लाख मौतें

  दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले और इससे होने वाली मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हर तरह की...
कांग्रेस में बड़े बदलाव के लिए शीर्ष नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा खत; दूसरे धड़े ने की राहुल की वापसी की मांग

कांग्रेस में बड़े बदलाव के लिए शीर्ष नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा खत; दूसरे धड़े ने की राहुल की वापसी की मांग

सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले पार्टी के भीतर अलग-अलग आवाजें उठने लगी हैं, जिसमें एक...
वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ का लाइसेंस स्थायी तौर पर रद्द

वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ का लाइसेंस स्थायी तौर पर रद्द

जानी-मानी वकील इंदिरा जयसिंह द्वारा संचालित एनजीओ का लाइसेंस सरकार ने एफसीआरए का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए स्थायी तौर पर रद्द कर दिया है। संगठन ने इस कार्रवाई को निरर्थक और इसे संविधान के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला बताया है।
तीस्ता के बाद अब इंदिरा जयसिंह को घेरने की कोशिश

तीस्ता के बाद अब इंदिरा जयसिंह को घेरने की कोशिश

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने स्वास्थ्य तथा अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कानूनी लड़ाई लड़ने वाली संस्था लॉयर्स कलेक्टिव को विदेशी चंदा संबंधित कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन के मामले में नोटिस भेजा है। खास बात यह है कि इस संस्था को मशहूर वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर चलाते हैं जो वर्तमान केंद्र सरकार के खिलाफ कई मामलों की कानूनी पैरवी अतीत में कर चुके हैं।
कटघरे में संघ नहीं ‘जनता की सामूहिक चेतना’ है

कटघरे में संघ नहीं ‘जनता की सामूहिक चेतना’ है

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे दादरी में बीफ खाने की अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक उन्मादियों द्वारा एक मुस्लिम परिवार पर हमला करके 50 वर्षीय एखलाक नाम के व्यक्ति की हत्या राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना हुआ है। कटघरे में संघ परिवार है, जिसके कुछ लोग इसे गलतफहमी में की गई हत्या बता रहे हैं तो कुछ इसे अत्यधिक जोश में की गई कार्रवाई।
अचानक सबको भाने लगे महाराणा प्रताप

अचानक सबको भाने लगे महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप अचानक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण हो गए हैं। तभी तो उनकी जयंती को पूरे देश में राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को लेकर देश भर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है और बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में यह अभियान जोरों पर है।
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