उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धुआंधार प्रदर्शन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया कि वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी की गयी है।
कानपुर से भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सांसद है। यहां भी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में परचम लहराया है। यहां की कुल 10 विधानसभा सीटों में सात सीटों पर भाजपा ने परचम लहराया। वहीं दो सीटें सपा के खाते में आई, जबकि कांग्रेस को एक सीट से संतोष करना पड़ा।
रंगों के त्यौहार से ऐन पहले उत्तर प्रदेश में शनिवार को चुनाव नतीजों का पिटारा खुलने के साथ ही यह तय हो जाएगा कि इस बार कौन होली मनाएगा और किसकी उम्मीदें बदरंग हो जाएंगी।
ताजा एग्जिट पोल पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हमला करते हुए उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया है। उन्होंने आक्रामक ढंग से कहा कि ऐसे एग्जिट पोल्स हम बिहार चुनाव में देख चुके हैं।
देश में यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का दौर लगभग समाप्त हो चुका है। पूरे देश की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी है। भाजपा-कांग्रेस हो या सपा-बसपा सभी जीतने का दावा कर रहे हैं लेकिन ज्योतिष जगत के अध्येताओं की राय एकदम अलग है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार खुद को उत्तर प्रदेश का गोद लिया हुआ बेटा बताते हुए कहा कि इस सूबे को विकसित करने के लिये उसे सपा, बसपा तथा कांग्रेस से मुक्त कराना होगा।
कंपनी कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा के दो साल बाद सरकार ने आज कहा कि इस तरह की कोई भी कटौती तभी हो सकती है जब व्यक्तिगत आयकर में अच्छी वृद्धि दर्ज होने लगेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग आयकर देने लगेंगे।
पश्चिम बंगाल में हुए उप-चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की जीत को नोटबंदी के खिलाफ लोगों की बगावत करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह विदेशों से काला धन लाने में नाकाम रहे हैं।
कारपोरेट मंत्रालय के कंपनी रजिस्ट्रार ने कंपनी अधिनियम के सेक्शन 137,92 और 96 के तहत नियमों का पालन नहीं करने के एवज में दिल्ली डिस्टि्रक क्रिकेट एसोसिएशन डीडीसीए को नोटिस जारी किया है।
रिजर्व बैंक के नये गवर्नर उर्जित पटेल के नेतृत्व में हुई पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में आज नीतिगत ब्याज दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की बहुप्रतीक्षित कटौती कर दी गई। नवगठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के तहत हुई इस पहली समीक्षा में समिति के सभी छह सदस्य दरों में कटौती के पक्ष में रहे। इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो दर 6.25 प्रतिशत रह गयी है जो पिछले छह साल का इसका न्यूनतम स्तर है।