अरुणाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे और केंद्र की नरसिम्हा राव की सरकार में मंत्री रहे पी के थुंगन को आज दिल्ली की एक अदालत ने चार साल के कैद की सजा सुनाई। अदालत ने थुंगन को कैद की सजा देने के अलावा उन पर 10,000 रूपए का जुर्माना भी लगाया।
भारत में जल परियोजनाओं को हासिल करने के लिए अमेरिकी कंपनी लुई बर्जर ने गोवा और गुवाहाटी में 9,76,000 डॉलर की रिश्वत दी है। अमेरिका की न्यूजर्सी स्थित निर्माण प्रबंधन कंपनी पर भारत ने गोवा और गुवाहटी में जल विकास से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाएं हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करोड़ों रुपये रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है।
गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 31 नए देशों को ई-पर्यटन वीजा जारी करेगा। इन राष्ट्रों को हाल ही में इस सुविधा के लिए केंद्र ने सूची में शामिल किया है। इस कदम से मानसून के मौसम में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ (फीफा) के अध्यक्ष सैप ब्लाटर ने पांचवी बार पद संभालने के चार दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया है। रिश्वतखोरी के मामले में फीफा उपाध्यक्ष समेत सात अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद उन पर यूरोपीय देशों का दबाव बढ़ गया था। यूरोप के कई देश फीफा से हटकर अलग विश्व कप कराने की मुहिम छेड़ चुके हैं।
गृह मंत्रालय दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिसमें उपराज्यपाल को पूरी शक्तियां देने वाले केंद्र के नोटिफिकेशन को संदिग्ध बताया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने गुरुवार को गृह मंत्रालय जाकर गृह सचिव एल सी गोयल से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि इस दौरान आगे की रणनीति और केंद्र की अधिसूचना के बचाव को लेकर चर्चा की गई। उधर, दिल्ली सरकार ने भी नौकरशाहों की नियुक्ति में उपराज्यपाल को पूर्ण अधिकार देने की केंद्र की अधिसूचना को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर भी कल सुनवाई होगी।
उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार की जंग के बीच बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। आम आदमी पार्टी के विधायक आदर्श शास्त्री ने उपराज्यपाल के खिलाफ महाभियोग चलाने का अधिकार दिए जाने की मांग की है।
दिल्ली के उप राज्यपाल की भूमिका और शक्तियों को स्पष्ट करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र सरकार का यह कदम भाजपा की घबराहट का द्योतक बताया है।
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कैग रिपोर्ट में उनसे जुड़ी कंपनी पर रिण में अनियमितता के आरोपों पर सोमवार को संसद में कहा कि इस रिपोर्ट में भ्रष्टाचार या उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई है और उन्होंने इस संबंध में लगाए जा रहे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।