टीम इंडिया में कोच को लेकर चल रहे विवादों के बीच सुनील गावस्कर ने कहा है कि जब टीम के खिलाड़ी और कप्तान की पसंद से ही कोच चुना जाना है तो फिर सलाहकार समिति की क्या जरूरत।
चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम की पाकिस्तान के हाथों करारी हार के बाद लोगों के व्यवहार में एकाएक बदलाव देखा गया है। जिनके अंदर अब तक क्रिकेट का भूत सवार था वे अब हॉकी के प्रति प्यार लूटाते नजर आ रहे हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक भारतीय हॉकी टीम को जीत की बधाई दी जा रही है।
पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। 65 पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखकर देश में बढ़ रहे ‘उग्र-राष्ट्रवाद’ को बंद कराने की अपील की है।
संसद के मानसून सत्र के 12 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। इस सत्र में संसद के दोनों सदनों पर किसानों से संबंधित मसले छाए रह सकते हैं। संसद का मानसून सत्र हंगामा भरा हो सकता है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा वक्त में जो लोग सच्चाई के साथ हैं, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। दलितों को मारा जा रहा है, अल्पसंख्यकों को सताया जा रहा है और मीडिया को धमकाया जा रहा है।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि जब तक हिंदुस्तान का किसान धनवान नहीं होता, हिंदुस्तान को धनवान बनाने की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का प्रयास जारी है। भाजपा शासित मध्य प्रदेश में पुलिस की गोलीबारी में पांच किसानों की मौत होने के बाद उनका यह बयान सामने आया है।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई फायरिंग और किसान नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि मध्य प्रदेश के किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और सभी किसान नेताओं की रिहाई हो। ऐसा न होने पर यूनियन ने उत्तर भारत के राज्यों में अनिश्चितकालीन चक्काजाम की बात कही है।
सरकार के 3 साल पूरे होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने मंत्रालय के कामकाज के बारे में जानकारी दी। सुषमा ने कहा कि हमने पिछले 3 साल के दौरान विदेशों में फंसे 80 हजार भारतीयों को बचाया। साथ ही विदेश मंत्री ने कहा कि इस सरकार के समय में विश्व में हमारा प्रभुत्व बढ़ा है। प्रधानमंत्री की इमेज ग्लोबल लेवल पर मजबूत हुई है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक लेख में कहा है कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब शांति की अपील करने वाले बयानों को देशद्रोह का नाम दिया जा रहा है।