अर्जेंटीना और बेल्जियम पहली बार ओलंपिक में हॉकी के खिताब के लिये एक दूसरे के आमने-सामने होंगे जिन्होंने क्रमश: गत चैम्पियन जर्मनी और नीदरलैंड जैसे धुरंधरों को हराया।
ओलंपिक में पिछले 36 वर्षों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से एक जीत दूर भारतीय पुरूष हाकी टीम रियो खेलों में रविवार को मजबूत बेल्जियम के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल में अपनी गलतियों को दूर करके वर्षों बाद नया मुकाम हासिल करने के लिये उतरेगी।
पुरूष हॉकी टीम और सेना के रोवर दत्तू बबन भोकनलाल को छोड़कर भारत के लिए रियो ओलंपिक का पहला दिन निराशाजनक रहा। पुरूष हॉकी टीम ने जहां ओलंपिक में पहला लीग मैच नहीं जीत पाने का 12 साल पुराना कलंक धो दिया वहीं भोकनलाल पुरूषों के एकल स्क्रल में अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रहकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। इन दोनों को छोड़कर भारतीय दल को निशानेबाजी, टेनिस, टेबल टेनिस और भारोत्तोलन में निराशा ही हाथ लगी।
रियो ओलंपिक में शानदार शुरुआत करते हुए भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को एक कड़े मुकाबले में 3-2 से हरा दिया। रूपिंदर पाल सिंह की अगुआई में ड्रैग फ्लिकरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह जीत दर्ज की।
कई बड़े सितारों के नाम वापस लेने से बेनूर हुई ओलंपिक की टेनिस स्पर्धा में नोवाक जोकोविच, एंडी मरे और सेरेना विलियम्स जैसे धुरंधर इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगे।
साकेत माइनेनी और रामकुमार रामनाथन ने एशिया-ओसियाना ग्रुप एक डेविस कप मुकाबले के पहले दिन शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपने-अपने एकल मुकाबले जीतकर भारत को दक्षिण कोरिया पर 2-0 की मजबूत बढ़त दिला दी है।
यूरो कप के तीसरे क्वार्टर फाइनल में रविवार को जर्मनी ने पेनल्टी शूटआउट में इटली को 6-5 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही यह मैच यूरो कप के इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में भी शुमार हो गया।
देश बड़ा है या क्लब ? जो लोग लियोनेल मेसी के खेल में कोई कमी नहीं ढूंढ़ पाते, वे अंत में यही सवाल उछाल देते हैं। जैसा कि इन दिनों हो रहा है। आलोचक आंकड़ों के जरिये यह कुतर्क दे रहे हैं कि लियोनेल मेसी का दिल देश के लिए नहीं, क्लब के लिए धडक़ता है। क्लब के लिए वह जी-जान एक कर देते हैं लेकिन देश के लिए उनके मन में तरंगें तक नहीं उठतीं। और यह सब ऐसे खिलाड़ी के लिए कहा जा रहा है जो कई वर्षों से अर्जेंटीना की टीम की ताकत बना हुआ है। जिसके बूते अर्जेंटीना की टीम विश्वकप फाइनल खेलती है, लगातार दो बार कोपा अमेरिका कप के फाइनल में पहुंची है। कोई यह सवाल नहीं उठाता कि अर्जेंटीना तो फाइनल में पहुंचने लायक ही नहीं थी लेकिन इसके बावजूद मेसी उसे यहां तक ले आए। हां, फाइनल न जीत पाने का ठीकरा आलोचक जरूर उनके सिर पर फोड़ते रहे हैं। देश उनके लिए क्या है? यह उनका संन्यास का फैसला ही बता देता है।
रजनीकांत लार्जर दैन लाइफ हो गए हैं। उनके प्रशंसक या उनकी फिल्मों को लेकर नए प्रयोगों का कोई सानी नहीं है। इस बार एयर एशिया एयरलाइन ने उनकी नई फिल्म कबाली के लिए नया प्रयोग किया है।
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास कृष्ण (75 किग्रा) बाकू (अजरबेजान) में चल रहे विश्व ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले तीसरे भारतीय मुक्केबाज बने और अगस्त में होने वाले रियो खेलों में जगह बनाने से वह सिर्फ एक जीत दूर हैं।