हरियाणा के पलवल के पास मंगलवार को कोहरे के बीच एक लोकल टेन लोकमान्य तिलक हरिद्वार एक्सप्रेस से टकरा गई जिससे एक टेन के चालक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
नेपाल में चल रहे मधेशी आंदोलन को लेकर राजनीतिक दलों रूख भले ही लचर हो रहा है लेकिन मधेशी नेताओं की मानें तो सरकार पूरी तरह से उनकी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
वन रैंक वन पेंशन की अधिसूचना के विरोध में पूर्व सैन्य कर्मियों द्वारा अपने पदक लौटाने का फैसला करने के एक दिन बाद, आज रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि विरोध करने वाले पूर्व सैन्य कर्मियों का आचरण सैनिकों जैसा नहीं है और उन्हें गुमराह कर दिया गया है।
वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना की औपचारिक अधिसूचना को लेकर एक ओर जहां विरोध प्रदर्शन करने वाले पूर्व सैन्य कर्मियों ने असंतोष जाहिर किया है वहीं दूसरी रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि लोकतंत्र में मांग करने का अधिकार सभी को है लेकिन सभी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता।
रेलयात्रियों के लिए अब टिकट आरक्षित कराकर सफर न करना महंगा पड़ जाएगा। आरक्षित टिकट लेने वाले यात्री यदि ट्रेन खुलने से पहले तक आरक्षण रद्द नहीं कराते तो उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसके अलावा आरक्षण रद्द कराने का शुल्क भी लगभग दोगुना कर दिया गया है। दलालों और टिकटों की कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसने के मकसद से रेलवे का यह नया नियम 12 नवंबर से लागू हो जाएगा।
नेपाल में नए संविधान को लेकर चल रहे मधेशियों के विरोध का भारत पूरी तरह से समर्थन करता रहेगा। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक मधेशियों की मांग को नेपाल सरकार पूरी तरह से खारिज करना चाह रही है जो कि संभव नहीं है।
रेलवे ने रविवार से एक नई योजना ‘विकल्प’ शुरू करने की घोषणा की है जिसके तहत प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को अगली ही वैकल्पिक ट्रेन में आरक्षण की सुविधा मिल जाएगी, बशर्ते कि उन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराया है।
एक विशेष सीबीआई अदालत ने राजधानी एक्सप्रेस और अन्य सुपरफास्ट प्रीमियम ट्रेनों में बोतलबंद पेयजल की आपूर्ति में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को आज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
राष्ट्र ध्वज का कथित तौर पर अपमान करने के मामले में पाधारी पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को आज राजकोट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह पहले से ही पुलिस की हिरासत में थे।
हार्दिक पटेल के अपहरण के दावे को चुनौती देते हुए गुजरात सरकार ने आज उच्च न्यायालय से कहा कि जब पिछले महीने वह कथित तौर पर लापता हो गए थे तब पटेल आंदोलन के नेता के नजदीकी लोग उनसे लगातार संपर्क में थे।