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कश्मीरी पंडितों ने की अलग केंद्र शासित प्रदेश की मांग

कश्मीरी पंडितों ने की अलग केंद्र शासित प्रदेश की मांग

जम्मू-कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले कश्मीरी पंडितों के संगठन पनुन कश्मीर ने एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि उन्हें स्थाई रूप से बसाया जाए और उनके लिए अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए। संगठन का कहना है कि कश्मीरी पंडितों को कोई दूसरा हल स्वीकार नहीं होगा।
अगस्त में शहरों में बेरोजगारी बढ़ी

अगस्त में शहरों में बेरोजगारी बढ़ी

बीएसई और सीएमआईई द्वारा एकत्रित आंकड़ों के अनुसार अगस्त में देश में शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी की दर बढ कर 11.24 प्रतिशत रही जो ग्रामीण क्षेत्र के 9.18 प्रतिशत से अधिक है।
बिहार: लालू ने नौकरियों में राज्य वासियों को 80 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की

बिहार: लालू ने नौकरियों में राज्य वासियों को 80 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने एक नया राजनीतिक पासा फेंकते हुए मांग की है कि देश के कई अन्य राज्यों की तरह बिहार वासियों को भी अपने प्रदेश की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करेंगे।
सावधान : 57 % डॉक्‍टर बिना मेडिकल क्वालिफिकेशन के कर रहे आपका ईलाज

सावधान : 57 % डॉक्‍टर बिना मेडिकल क्वालिफिकेशन के कर रहे आपका ईलाज

विदेशों में शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य को जीवन का सबसे महत्‍वपूर्ण पहलू माना जाता है। लेकिन इससे उलट हमारे देश में इन दोनों क्षेत्रों पर घोर लापरवाही की जाती है। इसका एक सटीक उदाहरण विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की एक रिपोर्ट में आपको मिल सकता है।
ग्रामीण भारत में बढ़ी बेरोजगारी, शहरों में घटी

ग्रामीण भारत में बढ़ी बेरोजगारी, शहरों में घटी

देश के ग्रामीण हिस्सों में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी छमाही सर्वे के ताजा आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दरों में कमी आई है लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले यहां बेरोजगारी अधिक है।
दस साल में मनरेगा में  3.13 लाख करोड़ रुपये खर्च, भ्रष्टाचार बाधक बनकर उभरा

दस साल में मनरेगा में 3.13 लाख करोड़ रुपये खर्च, भ्रष्टाचार बाधक बनकर उभरा

गांव के हालात बदलने और लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कल 10 वर्ष पूरे होंगे। इस योजना पर अब तक 3.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, छत्तीसगढ़, मणिपुर जैसे कई राज्यों में इस योजना के कार्यान्वयन को लेकर भ्रष्टाचार एवं अनियमिताताओं की शिकायतें बाधक के रूप में उभर कर सामने आई हैं।
मनरेगा का धन सूखा, आगामी बजट में सुधार की गुहार

मनरेगा का धन सूखा, आगामी बजट में सुधार की गुहार

ग्रामीण भारत के लिए आवश्यक मानी वाली योजना की विश्वसनीयता पर सवाल, कामगारों को दिहाड़ी देने के लिए नहीं धन, केंद्र से नीतिगत सुधार करने की मांग
गांव में शहर से बेहतर टीकाकरण

गांव में शहर से बेहतर टीकाकरण

हाल में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक भारत में शहरों की तुलना में गांवों में बच्चों का टीकाकरण कराने की दर बेहतर है जबकि पहले के अध्ययनों के परिणामों में इसके विपरीत बात कही गई थी। इसके साथ ही टीकाकरण की दर के मामले में मुसलमानों के बजाए हिंदू परिवारों के बच्चे बेहतर स्थिति में हैं।
सरकारी आंकड़ों के समंदर में तैरती सच्‍चाई

सरकारी आंकड़ों के समंदर में तैरती सच्‍चाई

इसी महीने जारी सामाजिक-आर्थिक-जाति जनगणना (एसईसीसी) के आंकड़े देखकर हम दिल्ली में समुंदर खोजने लग गए। इन आंकड़ों के नुसार दिल्ली में मछली पकड़ने की मशीनी नौकाएं 14,468 परिवारों के पास हैं-बड़े समुद्र तटीय क्षेत्र वाले तमिलनाडु के 13,760 परिवारों के पास ऐसी नौकाओं से कहीं ज्यादा। और तमिलनाडु के बड़े तटीय भूभाग को पखारता विशाल समुंदर और उसमें दूर-दूर तक डूबती-उतराती, मछली मारने के लिए जाल फैलाती अनगिनत मशीनी और मानव चालित नौकाएं हमने आंखों देखी हैं।
इलाज के लिए न डाॅक्टर हैं और न दवा

इलाज के लिए न डाॅक्टर हैं और न दवा

पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिले गाजीपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का इतना बुरा हाल है कि यहां के अस्पतालों को ही इलाज की जरुरत महसूस होने लगी है। डाॅक्टर और दवा दोनों ही जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की समस्या है।
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