वामपंथी दलों और दलित संगठनों के नेताओं ने शुक्रवार को राजग सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कथित गोरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और दावा किया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं।
गुजरात में पटेल आरक्षण के लिए आंदोलन करने वाले हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि राज्य में हुए 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए गए पटेल समुदाय के युवाओं को रिहा किया जाए। पटेल ने अपने पत्र में कहा है, सभी जानते हैं कि मोदी 2002 दंगे का लाभ उठाकर पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने हैं।
देश में दलितों की राजनीति करने वालों को मुंह की खानी पड़ी है। इसी साल जनवरी में हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आत्महत्या करने वाला 26 वर्षीय रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला को लेकर नया खुलासा हुआ है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित जांच पैनल के मुताबिक रोहित दलित नहीं था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने में थोड़ी देर है लेकिन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) गठबंधन के लिए सहयोगी दल की खोज में सक्रिय हो गई है। पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह यूपी में भाजपा, सपा और कांग्रेस के अलावा किसी भी दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं।
राजनीतिक दलों को टैक्स छूट खत्म करने के सुझाव को सरकार ने खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि ये देश में राजनीतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोकतंत्र के हित में उन्हें नियंत्रित करने के लिए जरूरी है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपील की है कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सभी सेक्युलर दलों को एकजुट होना होगा। राहुल ने विभिन्न पार्टियों के नेताओं और मुस्लिम समूहों की नई दिल्ली में हुई बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस देश को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी सांप्रदायिक ताकतों को एकजुट होकर हराया जा सकता है।
बांग्लादेश में शुक्रवार को हमलावरों ने सुबह की सैर पर निकले एक हिंदू आश्रमकर्मी की हत्या कर दी। गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम चरमपंथियों के निर्मम हमलों की कड़ी में कुछ ही दिन पहले संदिग्ध आईएसआईएस जिहादियों ने एक अन्य पुजारी की हत्या कर दी थी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपने-अपने घोषणा पत्रों में मुफ्त उपहारों की पेशकश करने वाली द्रविड़ पार्टियों पर सीधे हमला बोला है। मायावती ने मतदाताओं से ऐसे प्रलोभनों में नहीं आने की अपील की और कहा कि वे (द्रविड़ पार्टियां) आपकी समस्याओं का समाधान नहीं करेंगी।