गुजरात में सूरत के अरबपति चाय बेचने वाले भजियावालाके बारे में सीबीआई ने खुलासा किया है। सीबीआई ने कहा कि नोटबंदी के बाद किशोर भजियावाला ने कालेधन को सफेद करने के लिए 700 लोगों का इस्तेमाल किया था।
पौधे भी विभिन्न घटनाओं के बीच के तार जोड़कर अपने पर्यावरण के बारे में चीजें सीख सकते हैं। अब तक माना जाता था कि यह क्षमता सिर्फ प्राणियों में ही होती है लेकिन एक नए अध्ययन में पहली बार पौधों के इस खास गुण के बारे में बताया गया है।
नोटबंदी के दौरान नकद के लिए मची अफरा-तफरी में आज एक और व्यक्ति की जान चली गई। ताजा हादसा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का है, जहांबंदेल स्टेशन के पास एक एटीएम काउंटर के सामने कतार में खड़े होने के दौरान राज्य सरकार के कर्मचारी कल्लोल रॉय चौधरी ने दम तोड़ दिया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सूरत में सभा से ठीक पहले विरोध में जमकर नारेबाजी हुई और काले झंडे दिखाए गए। सभा में केजरीवाल पाकिस्तान जाओ का नारा भी लगा। उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक पर केजरीवाल के सवाल से कार्यकर्ता नाराज थे। खास बात यह है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का एक पूर्व सहयोगी विरोध प्रदर्शन को लीड कर रहा था।
जबरन वसूली के एक मामले के सिलसिले में आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली के विधायक और गुजरात के पार्टी मामलों के प्रभारी गुलाब सिंह ने आज सूरत पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मामले में अदालत से गैर जमानती वारंटी जारी था।
बाॅलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के अनुसार सलमान खान ने पिछले दिनों बलात्कार को लेकर जो टिप्पणी की थी वह वाकई संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण है। आमिर ने अपनी फिल्म दंगल का पोस्टर जारी होने के मौके पर कहा, मैं वहां मौजूद नहीं था लेकिन मीडिया की खबरोंं को देखते हुए लगता है कि उन्होंने जो कुछ कहा, वह संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण था। मुझे एेसा लगता है।
सूरत में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के भतीजे भरत तोगड़िया समेत 3 लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फौरन भाग निकले।
झाबुआ के पेटलवाद में डिटोनेटर का अवैध कारोबार सौ के करीब जिंदगियां लील गया। सिलसिला थमा नहीं है। झाबुआ कांड से भी अगर सरकार नहीं जागती है तो राजस्थान के अरावली क्षेत्र में झाबुआ कांड होते देर नहीं लगेगी। एक तरह से बारूद के ढेर पर बैठा है यह इलाका। खनन का विरोध करने वाले गांववासी हजारों दफा शिकायत कर चुके हैं। डिटोनेटर के कई ट्रक पकड़वा चुके हैं। यहां तक कि इस इलाके में जाने पर डिटोनेटर की पेटियां खुले में यहां-वहां पड़ी मिल जाती हैं लेकिन सरकार और स्थानीय प्रशासन बिल्कुल मूक हैं। गांववासियों की कोई सुनवाई नहीं।
भारत की विदेश गुप्तचर संस्था रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत की आने वाली किताब ‘कश्मीरः द वाजपेयी ईयर्स’ के अंश और खुद दुलत के मीडिया में चल रहे इंटरव्यू ने एक बार फिर कांग्रेस को भाजपा पर हमलावर होने का मौका दे दिया है।