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आचार्य बालकृष्ण : 21 साल में 3500 रुपए से ढाई अरब डॉलर का सफर

आचार्य बालकृष्ण : 21 साल में 3500 रुपए से ढाई अरब डॉलर का सफर

1995 में पतंजलि का कंपनी के रुप मेंं पंजीयन कराने के लिए अधिकारियों ने बतौर शुल्‍क 13 हजार रुपए बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से मांगे थे। उस वक्‍त इन दोनों के पास महज 3500 रुपए थे। किसी तरह दोस्‍तों से उधारी लेकर पंजीयन शुल्‍क चुकाया गया। आज 21 साल बाद पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण फोर्ब्‍स की सूची में भारत में 48 वें सबसे अमीर व्‍यक्ति हैं। इस सूची में यह नाम आश्चर्यजनक है। बालकृष्ण को 2.5 अरब डालर की संपत्ति के साथ सूची में स्‍थान दिया गया है।
मणिपुर में असम का करिश्मा दोहराने की योजना पर काम कर रही है भाजपा

मणिपुर में असम का करिश्मा दोहराने की योजना पर काम कर रही है भाजपा

मणिपुर विधानसभा चुनाव में असम का करिश्मा दोहराने की तैयारी में भारतीय जनता पार्टी जुट गई है। राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा ने पूरे राज्य में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रकाश जावड़ेकर पार्टी की रणनीति बना रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विभिन्न सीटों का ब्यौरा मंगाया है, जिसपर वे काम कर रहे हैं। 15 सितंबर को अमित शाह ने गुवाहाटी में मणिपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं-नेताओं की बैठक बुलाई है।
शर्मिला के 16 साल : इच्छाशक्ति और योग की संघर्षपूर्ण दास्‍तां

शर्मिला के 16 साल : इच्छाशक्ति और योग की संघर्षपूर्ण दास्‍तां

16 साल तक की भूख हड़ताल के बाद भी मणिपुर की लौह महिला इरोम शर्मिला की अच्छी सेहत का राज उनकी इच्छाशक्ति और योगाभ्यास है। इस भूख हड़ताल के दौरान उन्हें नाक से जबरन तरल भोजन दिया जाता था। शर्मिला के सहयोगियों और उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार, शर्मिला ने 1998 में योग सीखा था। इसके दो साल बाद वह भूख हड़ताल पर बैठ गई थीं। यह भूख हड़ताल मंगलवार को खत्म हो गई।
16 से जारी अनशन खत्म करते वक्त भावुक हुईं इरोम शर्मिला

16 से जारी अनशन खत्म करते वक्त भावुक हुईं इरोम शर्मिला

मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने 16 साल बाद मंगलवार को रोते हुए अपनी भूख हड़ताल खत्म की। इस अवसर पर बेहद भावुक इरोम ने कहा कि अब वह अपने संघर्ष की रणनीति में बदलाव करते हुए राजनीति में उतरना चाहती हैं।
इरोम शर्मीला को मिली जमानत, खत्म करेंगी 16 साल से जारी भूख हड़ताल

इरोम शर्मीला को मिली जमानत, खत्म करेंगी 16 साल से जारी भूख हड़ताल

मणिपुर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफ्स्पा) हटाने के लिए पिछले 16 साल से संघर्षरत र्इरोम शर्मिला चानू ने मंगलवार को अपना अनशन तोड़ दिया। इंफाल की अदालत में इरोम द्वारा अनशन तोड़ने की सूचना देने के बाद उन्हें जमानत दे दी।
पिछले सोलह साल से जारी अपना उपवास कल तोड़ेंगी इरोम शर्मीला

पिछले सोलह साल से जारी अपना उपवास कल तोड़ेंगी इरोम शर्मीला

मणिपुर की लौह महिला इरोम चानू शर्मीला कल मंगलवार की सुबह अपना 16 साल से जारी उपवास तोड़ेंगी। सैन्य बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को खत्म करने की मांग को लेकर 16 साल पहले उन्होंने उपवास शुरू किया था।
इरोम शर्मिला खत्म करेंगी सोलह साल से जारी अनशन, लड़ेंगी चुनाव

इरोम शर्मिला खत्म करेंगी सोलह साल से जारी अनशन, लड़ेंगी चुनाव

मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) की आड़ में सेना के कथित अत्याचारों के खिलाफ पिछले 16 सालों से अनशन पर रहकर विरोध कर रहीं इरोम शर्मिला अपना अनशन खत्म करेंगी। उन्होंने अपना विरोध जारी रखते हुए अगले साल राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
दिल्ली: विधानसभा में मेज पर चढ़कर विजेद्र गुप्ता ने किया हंगामा

दिल्ली: विधानसभा में मेज पर चढ़कर विजेद्र गुप्ता ने किया हंगामा

दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को सदन में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मेज पर चढ़ गए। गुप्ता के इस कृत्य की काफी आलोचना हुई और विधानसभाध्यक्ष राम निवास गोयल ने इसे अत्यंत शर्मनाक करार दिया और कहा कि इससे सदन की बदनामी हुई है।
इंफाल के नगर निकाय में कांग्रेस का बोर्ड बना, भाजपा का खाता खुला

इंफाल के नगर निकाय में कांग्रेस का बोर्ड बना, भाजपा का खाता खुला

इंफाल म्युनिसीपल कॉरपोरेशन के चुनाव में आठ सीटें जीतकर कांग्रेस ने बोर्ड गठन कर लिया है। हालांकि, पूर्वोत्तर में जड़ें फैला रही भारतीय जनता पार्टी ने यहां खाता खोल दिया है। यहां भाजपा के पांच पार्षद जीते हैं। दो जून को चुनाव कराए गए थे। मंगलवार को नतीजे आए।
आफ्सपा नहीं हटा तो पतन शुरू होगाः इरोम शर्मिला

आफ्सपा नहीं हटा तो पतन शुरू होगाः इरोम शर्मिला

दुनिया में सबसे लंबी भूख हड़ताल करने वाली शख्स का नाम है इरोम शर्मिला चानू। मणिपुर की यह आयरन लेडी बेहद नाजुक मिजाज और बेहद मधुर आवाज में पेड़-पौधों-पक्षियो और प्रेम के बारे में बतियाने वाली हैं। लेकिन उनके इच्छाशक्ति फौलादी है। उन्हें उनके मिशन से बड़ी से बड़ी अड़चन नहीं हिला पाई, आफ्सपा से वह तीखी नफरत करती हैं और इसके खात्मे से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।
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