रविवार को मोदी के कैबिनेट में हुए विस्तार को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। नीतीश ने कहा कि कैबिनेट में जद(यू) के शामिल होने की कोई बात ही नहीं कही गई थी।
आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। कुल 9 नए चेहरों को राज्य मंत्री बनाया गया है, इनमें चार पूर्व नौकरशाह शामिल हैं। स्वतंत्र प्रभार वाले चार मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। लेकिन जदयू और शिवसेना जैसे एनडीए के सहयोगी दलों से किसी को मंत्री पद शपथ नहीं दिलाई गई।
मनीष तिवारी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। कुछ नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। कई को पद से हटाया। इसमें आश्चर्यजनक यह है कि सारी प्रक्रिया से पीएम खुद बाहर दिखे।"
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने 9 नए मंत्रियों की चर्चा करते हुए कहा कि कैबिनेट विस्तार लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा द्वारा किए गए वादों और गरीबी, बेरोजगारी, गंगा सफाई जैसी समस्याओं पर सरकार की विफलता से लोगों का ध्यान हटाने का एक प्रयास है।
2019 पर नजर रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल का पूरी तरह मेकओवर कर दिया है। इन बदलावों को मोदी सरकार के तीन साल के कामकाज का सबसे बेहतर रिपोर्ट कार्ड माना जा सकता है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की घड़ी आ गई है। इसके मद्देनजर राजीव प्रताप रूडी समेत कम से कम 8 मंत्रियों के इस्तीफे की खबरें आ रही हैं। यह संभवत: मोदी सरकार का आखिरी ऐसा बड़ा कैबिनेट विस्तार होगा जिसमें कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है जबकि कई नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।
लंबे इंतजार के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नोटबंदी का पूरा हिसाब-किताब पेश किया। लेकिन इन आंकड़ों ने नोटबंदी के दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
रबीआई पर नोटबंदी के व्यापक असर को देखते हुए सिर्फ एक फीसदी नोटों का बैंकों में वापस न आना चौकाने वाला आंकड़ा है। इससे नोटबंदी के औचित्य पर ही सवाल खड़े होने लगे हैैं।