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नज़रिया

अगर हम 'झंडू बाम' की जात नहीं पूछते तो 'रूह अफजा' ने क्या बिगाड़ा है?

अगर हम 'झंडू बाम' की जात नहीं पूछते तो 'रूह अफजा' ने क्या बिगाड़ा है?

क्या हम हल्दीराम की भुजिया खाने से पहले यह छानबीन करेंगे कि उस कंपनी में हमारी जात-बिरादरी, धर्म के कितने लोग, किन-किन पदों पर हैं? क्या झंडुु बाम लगाने से पहले भी हम उसकी धर्म-जाति तय करते हैं? अगर ऐसा नहीं है तो फिर रूह अफजा ने क्या बिगाड़ा है। इसकी मिठास में नफरत की चासनी क्यों मिलाई जा रही है?
किसान हित के प्रतीक पुरुष

किसान हित के प्रतीक पुरुष

प्रसिद्ध अमेरिकी राजनीतिशास्त्री पॉल आर. ब्रास ने चरण सिंह को केंद्र में रखकर उत्तर भारतीय राजनीति पर लिखा
अनिल माधव दवे: बिना कुछ कहे गुजर गया 'नर्मदा समग्र' का यात्री

अनिल माधव दवे: बिना कुछ कहे गुजर गया 'नर्मदा समग्र' का यात्री

अनिल माधव दवे देश के पर्यावरण मंत्री बनने से पहले पर्यावरण के समर्पित कार्यकर्ता थे। सैकड़ों-हजारों वर्षों से चली आ रही नर्मदा यात्रा को उन्होंने समग्र दृष्टिकाेेेण दिया था। लेकिन नर्मदा पु्त्र दवे की जीवन यात्रा पर इतनी छोटी होगी, किसी को आभास नहीं था।
घुटन का प्रस्फुटन है भीम आर्मी का उभार

घुटन का प्रस्फुटन है भीम आर्मी का उभार

सदियों के दमन से उपजी घुटन और अत्याचारों का मुकाबला करने के लिए दलितों के भीतर प्रतिकार की बलवती होती भावना का परिणाम ही ‘भीम आर्मी’ जैसे संगठन हैं।
कहांं गुम हैं 'दंगल' की बेटियों के लिए गूंजी तालियां

कहांं गुम हैं 'दंगल' की बेटियों के लिए गूंजी तालियां

एक तरफ जहां ‘दंगल’ फिल्म कामयाबी के रिकॉर्ड तोड़ चुकी है, वहीं दूसरी ओर रियल लाइफ में महिला पहलवान खाली पड़े स्टेडियम में अपना पसीना बहा रही हैं।
अंंतरिक्ष कूटनीति की धूम, लेकिन सफेद हाथी न बन जाए दक्षिण एशिया उपग्रह

अंंतरिक्ष कूटनीति की धूम, लेकिन सफेद हाथी न बन जाए दक्षिण एशिया उपग्रह

दक्षिण एशिया के सात देशों ने भारत की ओर से अपने पड़ोसियों के लिए उपहार के तौर पर छोड़े गए 450 करोड़ रूपये के संचार उपग्रह की खूब सराहना की है। इन देशों के बीच एक अभूतपूर्व अंतरिक्षीय संबंध की बानगी देखने को मिली।
स्वच्छता सर्वे: सूची में कुछ बेहतर शहरों का पीछे रह जाना

स्वच्छता सर्वे: सूची में कुछ बेहतर शहरों का पीछे रह जाना

केंद्र सरकार ने 2017 में किए गए सर्वे के बाद स्‍वच्‍छ शहरों की सूची पेश की है उसमें कुछ शहरों को निचले पायदान पर रखा गया है। वहीं कुछ शहरों को एक-दो सालों के अंतराल में ही शीर्ष स्‍थान में शामिल किया गया है। सरकार के मापदंडों के आधार पर शहरों का क्रम विकास के पैमाने को अवश्‍य परिभाषित कर रहा है लेकिन कुछ खास शहरों का पीछे रह जाना कुछ सवाल भी पैदा कर रहा है।
अब फेक न्यूज के निशाने पर पत्रकार मधु त्रेहान, जानिए क्या है मामला?

अब फेक न्यूज के निशाने पर पत्रकार मधु त्रेहान, जानिए क्या है मामला?

फर्जी खबरें रोज नए-नए शिकार खोज लेेेेती हैं। हाल ही में पत्रकार मधु त्रेहान को लेकर खबर आई कि उन्होंने फिल्म बाहुबली में मुस्लिम कलाकारों के नहीं होने पर सवाल उठाया है। इस मुद्देे को लेकर सोशल मीडिया में उनके खिलाफ खूब जहर उगला गया। जबकि त्रेहान का कहना है कि उनके हवाले से गलत बातें फैलाई जा रही हैं।
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