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मैगज़ीन डिटेल

संपादक के नाम पत्र

भारत भर से आई पाठको की चिट्ठियां

दिल्लीः ‘विजुअल’ की राजनीति

आम आदमी पार्टी के दिल्ली की सत्ता में आने के बाद से ही आरोप का जवाब आरोप से देने की परंपरा चल पड़ी है

झारखंड: चक्रव्यूह तोड़ पाएंगे हेमंत?

मुख्यमंत्री की विधानसभा सदस्यता खत्म होने की अफवाहों और केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता से उपजा नया राजनैतिक संकट

जम्मू-कश्मीरः बाहरी बनेंगे वोटर

कारोबार, पढ़ाई या मजदूरी करने जम्मू और कश्मीर आने वाला हर कोई मतदाता बन सकता है, मुख्य चुनाव अधिकारी के इस नए फरमान पर उठा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है

हरियाणाः बेखौफ अवैध खनन

सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार राज्य को सालाना पांच हजार करोड़ रुपये का चूना लगा रहा है खनन माफिया

बिलकिस बानो प्रकरणः जघन्य अपराधी या संस्कारी!

गुजरात दंगों के दौरान हत्या और बलात्कार के दोषियों की सजा पूरी होने से पहले गुजरात सरकार के माफीनामे के फैसले और फूल-मालाओं से स्वागत पर उठे संगीन सवाल

आवरण कथा/ बेहाल बॉलीवुडः सितारे अब जमीं पर

जब बड़े-बड़े सितारों की फिल्में एक-एक कर के औंधे मुंह गिर रही हैं, तब बॉलीवुड को क्या दक्षिण कोरियाई और दक्षिण भारतीय सिनेमा से सीखने की जरूरत

आवरण कथा/नजरियाः आइसीयू में हिंदी फिल्म उद्योग

महामारी कोविड के बाद से सब कुछ बदल गया है। इस बदलाव की लहर बॉलीवुड के गलियारों से भी गुजरी है

आवरण कथा/ बाहरी फिल्मी आमदः चर्चित दक्षिण कोरियाई फिल्में

कोरियाई फिल्मों ने भारत के मनोरंजन जगत में भी जमाया कब्जा

आवरण कथा/ बॉलीवुड किस्सागोई/ गैंग्स ऑफ वासेपुरः हिंदी, हिंसा और हिमाकत का धमाका

ब्रिटेन के द गार्डियन अखबार ने दुनिया भर से इस सदी की सौ सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूची तैयार की थी। इसमें अनुराग कश्यप की गैंग्स ऑफ वासेपुर अकेली भारतीय फिल्म रही। आखिर क्यों?

आवरण कथा/नजरियाः बॉलीवुड का बुरा दौर दुष्प्रचार या हकीकत

वर्तमान समय में फिल्मों की स्थिति को समझने के लिए गहराई में उतरना होगा

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

भाजपा: मोदीमय या बेचैनी का आलम

पार्टियों को तोड़कर विस्तार करने की रणनीति से भाजपा और संघ के अपने कार्यकर्ताओं की ही उपेक्षा हो रही है

कांग्रेसः जुड़ो या टूटो!

देश की सबसे पुरानी पार्टी के वजूद को बचाने का खतरा गहराया, भारत जोड़ो यात्रा क्या उसमें दम भर पाएगी?

हरियाणा/सोनाली फोगाट: शोहरत का दर्दनाक अंत

सोनाली जब सुदेश थी, तब भी दिलेर थी। अपनी दबंगई का परिचय उन्होंने राजनीति में दिया

मुफ्त सरकारी सेवाएं: क्या रेवड़ी, क्या कल्याणकारी?

प्रधानमंत्री ने रेवड़ी कल्चर को हराने का आह्वान किया तो राजनैतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, क्या कहते हैं जानकार

“केरल को उपलब्धियों का दंड”: पिनाराई विजयन

केरल का नाम उन राज्यों में शामिल है जिन्हें आरबीआइ ने राज्यों पर बढ़ते कर्ज के लिए सब्सिडी को एक प्रमुख कारण मानते हुए चेताया है

पुस्तक समीक्षाः कथक इति-कथा

मिथक है कि मुगल दरबारों के संरक्षण से उत्तर भारत में कथक को जगह मिली

प्रथम दृष्टि: कंटेंट ही संजीवनी

वह दौर गुजर गया जब सितारों की लोकप्रियता के कारण बुरी फिल्में सफल हो जाती थीं

शहरनामाः मेख

नर्मदा तट पर सांकल घाट, बरमान घाट, झांसी घाट की प्राकृतिक सुंदरता मनमोहक है