देश की अग्रणी उद्योग समूह टाटा संस ने एक आश्चर्यजनक घटना क्रम के तहत साइरस मिस्त्री को आज कंपनी के चेयरमैन पद से हटा दिया। कंपनी के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को कंपनी के चेयरमैन का अंतरिम प्रभार दिया गया है।
उत्तरप्रदेश जहां देश के सबसे बड़े सूबे की राजनीतिक तस्वीर बदलकर रख देने वाले चुनाव के लिए तैयार है, वहीं चार अन्य राज्यों में भी फरवरी-मार्च में लगभग एकसाथ चुनाव होने की संभावना है। अगले साल एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किए जाने के कुछ ही समय बाद ये चुनाव शुरू हो सकते हैं।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि सरकार ने बजट तय समय से पहले पेश करने का निर्णय किया है। हालांकि, वह इस बात को लेकर गंभीर है कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के बीच में बजट पेश नहीं किया जाए। अगले साल की शुरूआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने ही आंकड़ों से अपने लिए बवाल खड़ा कर दिया। मामला पोषाहार बजट का है। सरकार ने बजट ज्यादा दिखाने के लिए आंकड़ों में एक करोड़ से भी ज्यादा बच्चों को पोषाहार बांटने का दावा किया है। लेकिन यह आंकड़ा खुद सरकार के लिए ही मुसीबत खड़ी करने वाला है।
केंद्र या राज्य सरकारों की योजनाएं बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ बनाई जाती है। जोर-शोर से घोषणाएं भी होती हैं। बजट में विपुल धनराशि का प्रावधान हो जाता है। लेकिन किसी भी योजना, कार्यक्रम पर अमल ठीक से नहीं होने पर सारे सपने धरे रह जाते हैं।
उपनिवेशवादी शासन के खिलाफ महात्मा गांधी के सत्याग्रह का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को स्वच्छ भारत के लिए सत्याग्रह आंदोलन चलाने की वकालत की और कहा कि केवल बजटीय आवंटन कर देने भर से स्वच्छ भारत को हासिल नहीं किया जा सकता है।
सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को ही नाटकीय घटनाक्रम के बाद अंतरिम राहत मिल गई हैै। अब उन्हें तुरंत जेल जाने की जरुरत नहीं। सरेंडर करने के लिए कोर्ट ने राय को 30 सितंबर तक की मोहलत दे दी है। इससे पहले शुक्रवार को ही कोर्ट ने उन्हें तुरंत जेल भेजे जाने का आदेश दे दिया था।
कैबिनेट ने आम बजट में रेल बजट को मिलाने की मंजूरी दे दी है। इस तरह 92 साल से पेश हो रहा रेल बजट अब अलग से पेश नहीं किया जाएगा। रेल संबंधी वित्तीय योजनाएं और खर्चे आदि संबंधी मामले आम बजट से 1924 में अलग कर दिए गए थे। कैबिनेट की बैठक में आम बजट को पेश करने की तारीख में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। बजट किस तारीख को पेश होगा, इसका फैसला विचार-विमर्श के बाद होगा।
अगले साल से केंद्रीय बजट पेश करने की नई परंपरा शुरू करने की तैयारी कर रही सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार संसद का शीत सत्र तय समय से पहले बुलाया जा सकता है। सरकार नवंबर महीने की शुरूआत में ही शीत सत्र बुलाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव की गहमागहमी को देखते हुए भी इस सत्र की काफी सियासी अहमियत है।