भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण शौर खुलकर मोदी सरकार के विरोध में आ गए हैं। उन्होंने मोदी, शाह और जेटली की तिगड़ी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मोदी राज में विकास के दावों को सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश करार दिया है।
दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों के गिरते दामों की शिकार भारत में अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड भी हो गई है। एक सप्ताह पहले तक सेसा स्टरलाइट के नाम से जानी जाने वाली कंपनी ने भारतीय कारोबारी जगत में अब तक के सबसे बड़े करीब 20 हजार करोड़ रुपये के गुडविल नुकसान की घोषणा की है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति फर्जी मुठभेड़ मामलों में गुजरात पुलिस के अधिकारी अभय चूडास्मा को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ अभियोजन लायक कोई सबूत नहीं हैं। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एमबी गोसावी ने चूडास्मा को आरोपमुक्त करने का फैसला सुनाया।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अगले साल के विधानसभा चुनाव में जीत कर पार्टी अगर असम में सत्ता में आती है तो बांग्लादेश के हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
अभी ज्यादा दिन नहीं बीते हैं जब नरेंद्र मोदी की ‘मित्रों’ की सूची से बाहर रहने वाले संजय जोशी के जन्मदिन पर दिल्ली के इस कोने से उस कोने तक बधाइयों के संदेश वाले पोस्टर लग गए थे। आयुष मंत्री श्रीपाद नाइक समेत दो और नेताओं को सफाई देने के साथ श्रीपाद के निजी सचिव को इस्तीफा देना पड़ा था। अब यह ‘पोस्टर वार’ लगता है खुल कर सामने आ गया है।
युवा सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल और युवराज सिंह के अर्धशतक की मदद से दिल्ली डेयरडेविल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार 11 हार के क्रम को तोड़ते हुए किंग्स इलेवन पंजाब को पांच विकेट से हराकर आईपीएल आठ में पहली जीत दर्ज की।
पटना के गांधी मैदान में आयोजित भाजपा के कार्यकर्ता समागम में ही पार्टी नेताओं की अंदरुनी लड़ाई सामने आ गई। एक तरफ पार्टी के एक सांसद नाराज हो गए तो दूसरी ओर स्थानीय सांसद ने समागम में हिस्सा नहीं लिया। इस साल बिहार विधानसभा के चुनाव में जीत की उम्मींद के साथ भाजपा ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर कार्यकर्ता समागम का आयोजन किया था जिसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया।
संघ, संजय जोशी को फिर मुख्यधारा में लाने का प्रयास करता रहता है यह सभी जानते हैं। यही वजह है कि एक धड़ा उनसे अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहता है ताकि जब भी बदलाव हो और वह कोई पद संभालें तो उनसे नए सिरे से दोस्ती न शुरू करना पड़े।