क्रिकेट कूटनीति में दाल नहीं गलती देख अब पाकिस्तान ने भारतीय हॉकी लीग में भागीदारी का प्रस्ताव हॉकी इंडिया के समक्ष रखा है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) ने हॉकी इंडिया से गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव रखा है। पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के दुर्व्यवहार के कारण बेशुमार दौलत वाले इंडियन लीग में उनके खिलाड़ियों की हिस्सेदारी प्रतिबंधित कर दी गई थी।
मुंबई पुलिस प्रमुख के पद से राकेश मारिया को हटाकर महानिदेशक, होमगार्ड रहे अहमद जावेद को मुंबई का नया आयुक्त बनाया गया है। बहुचर्चित शीना बोरा हत्या की जांच के मध्य में हुए इस तबादले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि देर शाम नाटकीय घटनाक्रम में सरकार की ओर से गृह सचिव ने बताया कि तबादले और प्रोन्नति के बावजूद मारिया शीना बोरा हत्या मामले की जांच की निरानी करते रहेंगे।
बिहार का कोशी क्षेत्र लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए के लिए बुरा सपना साबित हुआ था। यहां पर एनडीए को एक भी सीट जीतने में कामयाबी नहीं मिली थी। कभी कांग्रेस का गढ़ रहा यह क्षेत्र कालांतर में पहले लालू प्रसाद और फिर जद-यू-भाजपा का दुर्ग बना मगर लोकसभा चुनाव में यहां मिली हार ने भाजपा को इस क्षेत्र में नई रणनीति बनाने के लिए मजबूर कर दिया।
सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए चार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके प्रसिद्ध गीतकार, पटकथाकार और कवि जावेद अख्तर ने एक समय किसी छोटे शहर भाग जाने और वहां किसी छद्म नाम के साथ रहने के बारे में सोचा था क्योंकि उन्हें लगा था कि वह अब और लेखन नहीं कर सकते।
गुजरात पुलिस ने ट्रस्ट के धन के कथित गबन के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा है कि उन्होंने और उनके पति ने कल्याण कार्यों के लिए मिले धन का गबन शराब और विलासिता जैसे अपने निजी खर्चों के लिए किया और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश की।
गुजरात के दंगों से जुड़े मामलों को जोर-शोर से उठाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद को घेरने का एक और प्रयास किया गया है। इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके द्वारा संचालित दो एनजीओ को विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
आलोचना (त्रैमासिक) पत्रिका के अंक 53-54 के प्रकाशन के उपलक्ष्य में ‘भारतीय जनतंत्र का जायजा’ विषय पर साहित्य अकादमी-सभागार में आयोजित परिचर्चा में युवाओं की भागीदारी जबरदस्त रही। दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय सहित अन्य अकादमिक संस्थानों के छात्रों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। युवाओं ने जनतंत्र से जुड़े सवालों की झड़ी लगा दी। एक युवा ने सवाल खड़ा किया कि आखिर क्यों ‘आलोचना’ पहले जैसी नहीं होती ! जिसकी आलोचना होती है वह और मजबूत क्यों हो जाता है।
राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े कई प्रश्न आज भी जिंदा हें। कई लोग भी इन सवालों के घेरे में आए। राजीव गांधी की 24वीं पुण्यतिथि इक्कीस मई से पूर्व इस हत्याकांड से जुड़े सवालों पर नजर
ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने मंगलवार को यहां एनपीटी समीक्षा सम्मेलन में कहा, परमाणु हथियार संपन्न देशों ने अपने परमाणु हथियारों को समाप्त करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं की है।