एक नए शोध में दावा किया गया है कि समय से पहले पैदा हुए बच्चों को जन्म के पहले महीने स्तनपान कराया जाए तो भविष्य में उनका बौद्धिक स्तर यानी आइक्यू अच्छा रहने की संभावना बढ़ जाती है।
एक ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने 24 हफ्ते की एक गर्भवती महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दी। महिला बलात्कार पीड़िता है और असामान्य भ्रूण के कारण उसने अदालत से गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी।
महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन एमसीए के अध्यक्ष शरद पवार छह महीने में अपना पद छोड़ देंगे क्योंकि एमसीए ने बीसीसीआई और इसकी मान्यता प्राप्त इकाइयों में आमूलचूल बदलाव के उच्चतम न्यायालय के फैसले को स्वीकृति दे दी है।
बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) गुरुवार को 107 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। सुबह के कारोबार में एक समय बंबई शेयर बाजार की सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण1,07,00,756 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उत्तराखंड के अयोग्य ठहराए गए नौ विधायकों को अंतरिम राहत देने से मना कर दिया। इन विधायकों ने याचिका में अपनी अयोग्यता पर रोक लगाने और विधानसभा के सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी है।
उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश समेत कुछ गैर राजग शासित राज्यों की सरकारों को अस्थिर करने एवं गिराने का प्रयास करने के कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है बल्कि कांग्रेस पार्टी के आंतरिक संकट के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो रही है जहां वह पार्टी खुद ही टूट रही है।
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को करारा झटका देते हुए अरुणाचल प्रदेश में 15 दिसंबर 2015 से पहले वाली स्थिति बहाल करने का निर्देश दिया है जिसका अर्थ है कि वहां एक बार फिर से कांग्रेस की सरकार बहाल हो जाएगी। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय की पांच जजों की पीठ ने नबाम टुकी की कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए उसे पलट दिया है।
अरूणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने आज उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया, जिससे राज्य में कांग्रेस सरकार की वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) पर एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विधि आयोग से इस मुद्दे का अध्ययन करने को कहा है। सरकार के इस पहल को समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है जिससे देश का राजनीतिक तापमान बढ़ने की आशंका है।
समलैंगिक (एलजीबीटी) समुदाय का हिस्सा होने का दावा करने वाली कुछ मशहूर हस्तियों ने उच्चतम न्यायालय का रूख कर आईपीसी की धारा 377 को रद्द करने की गुहार लगाई है। आईपीसी की धारा 377 के तहत देश में समलैंगिकता एक दंडनीय अपराध है। इस अर्जी पर कल सुनवाई होने की संभावना है।