चीन ने कई ऑनलाइन समाचार पत्रों का संचालन बंद कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने स्वतंत्र रिपोर्टिंग और संभवत: संवेदनशील विषयों के बारे में लेख प्रकाशित करने को लेकर उनकी आलोचना की थी।
देश में पिछले दो सालों में खाने पीने की चीजों के दामों में बेेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। लोग इसका रोना भी रो रहे हैं। लेकिन रोजमर्रा के उपयोग की इन वस्तुओं के दामों में कोई कमी नहीं आई। इन सबके बीच शिक्षा पर भी महंगाई की मार पड़ी है। पिछले दो सालोंं में स्कूलों की फीस और शिक्षण सामग्री भी महंगी हुई है।
अक्सर सुनने को मिलता है कि लॉ की पढ़ाई बोझिल है। अमूमन कानून की पढ़ाई से छात्र दूर रहने का मन करते हैं। मेट्रोपोलिटन एजुकेशन में मेक माय चॉयस पर आयोजित गोष्ठी में कानून की पढ़ाई के महत्व पर विशेषज्ञों ने जो बेहतर और ज्ञानवर्धक जानकारी दी है, वह छात्रों को इस विषय की ओर अवश्य आकर्षित करेगी।
रेलवे की आरक्षण प्रणाली में 1 जुलाई से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। जिसके तहत अब ऑनलाइन बुकिंग पर वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा। जुलाई माह से कुछ सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। शताब्दी, राजधानी जैसी दूसरी अन्य ट्रेनों में कोच बढ़ाए जाएंगे। तत्काल टिकट का आरक्षण निरस्त करवाने पर अब आधा रिफंड मिलेगा। क्षेत्रीय भाषाओं में भी टिकट मिलेंगे।
पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने महानगर में नेताओं द्वारा हड़प ली गई खुली जगहों को बचाने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस के हस्तक्षेप की मांग करते हुए एक ऑनलाइन याचिका की शुरआत की है।
ऑनलाइन खरीदे गये सभी खरीद पर एक समान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा। मॉडल जीएसटी कानून में यह कहा गया है। जीएसटी के अगले साल अप्रैल से लागू होने की संभावना है। स्थानीय शुल्क के बदले लगने वाला कर उस जगह लगेगा जहां सबसे पहले वित्तीय लेन-देन किया जाएगा।
मलेशिया के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने अपने एक अध्यापन मोड्यूल में भारत में हिंदुओं को अस्वच्छ एवं गंदे के रूप में पेश किया है जिसके बाद इस मुस्लिम बहुल देश में विवाद खड़ा हो गया है और अल्पसंख्यक समुदाय में आक्रोश फैल गया है।
इराक की राजधानी बगदाद और उससे सटे एक शहर में हुए दो आत्मघाती हमलों में 27 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों की संख्या और उनकी हालत को देखते हुए मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन के सेवा विस्तार पर राजनीतिक और उद्योग जगत में जारी चर्चा के बीच अब यह मामला इंटरनेट पर भी मामला गरमा गया है। इस समय सोशल मीडिया में कम से कम सात ऑनलाइन अपीलें राजन के विस्तार के समर्थन में घूम रही हैं। इन अपीलों पर अब तक 60,000 से अधिक हस्ताक्षर हो चुके हैं।