भीषण पिछड़ेपन का शिकार देश भर की 666 विमुक्त घूमंतू जनजातियां और अतिपिछड़ी जातियां अपने विकास के लिए आरक्षण में अलग हिस्से के लिए हो रही गोलबंद, अगले साल दिल्ली कूच
पटेल आरक्षण की आग में झुलस रहे गुजरात में तनाव बरकरार है। मंगलवार से जारी संघर्ष में मरने वालों की संख्या 9 तक पहुंच गई और राज्य के कई शहरों में स्थिति पर काबू पाने के लिए सेना तैनात की गई है।
गुजरात में अराजकता का नया चेहरा उभरकर सामने आया है जिसकी भाषा तोगड़िया सी है और कार्यशैली केजरीवाल जैसी। जो बंदूक और रिवॉल्वर से प्यार करता है और जिसके समर्थक ओडी तथा मर्सिडीज में बैठकर आरक्षण मांगने आते हैं। कानून उनके लिए कुछ भी नहीं है, अगर उन्हें मनमानी करने से रोका जाता है तो दंगा-फसाद से भी परहेज नहीं करते हैं।
अहमदाबाद में विशाल रैली बुलाकर हार्दिक पटेल में अपना लोहा मनवा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा है कि मांग नहीं मानी तो दोबारा कमल नहीं खिलेगा। यह रैली भले ही आरक्षण की मांग को लेकर हुई लेकिन हार्दिक पटेल के तेवर पूरी तरह सियासी दिखे। उन्होंने मंच से केजरीवाल, नीतीश कुमार और सरदार पटेल का नाम लेकर अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं की झलक दिखाई है।
पाटीदार समाज को आरक्षण दिलाने के लिए अहमदाबाद में हुई हार्दिक पटेल की रैली शाम होते-होते पुलिस के साथ हिंसक झड़पों में तब्दील हो गई है। पुलिस ने हार्दिक पटेल को हिरासत में ले लिया है। उनके समर्थकों को मैदान से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
गुजरात में ओबीसी कोटे को लेकर बढ़ते विवाद को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस ने कमान संभालने का फैसला किया है। संघ ने भाजपा की गुजरात सरकार के साथ एक बैठक में पटेल समुदाय के आरक्षण आंदोलन को सुलझाने के लिए प्रयास करने फैसला का किया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार को सवा लाख करोड़ रुपये का पैकेज देने की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि सेनाकर्मियों को वन रैंक, वन पेंशन का वादा करके मुकरने वाले मोदी अब बिहार की जनता को भी सब्जबाग दिखा रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण विधेयक की पड़ताल करने वाली संसद की संयुक्त समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए और चार दिन का समय दे दिया गया है। समिति की हाल ही में हुई बैठक में रिपोर्ट सौंपने के लिए पांच अगस्त तक दो और दिन का विस्तार मांगे जाने का फैसला किया गया था। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के निधन के कारण समिति की बैठक दो दिन तक नहीं हो सकी, इसलिए सात अगस्त तक का समय विस्तार मांगने का फैसला किया गया।
ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने सोच लिया है कि संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के बावजूद जरूरी विधायी कार्य निपटाएगी। इसकी एक बानगी शुक्रवार को लोकसभा में देखने को मिली जब कांग्रेस, वामदलों एवं कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित नहीं की और प्रश्नकाल का संचालन होता रहा।