देश के विभाजन के दर्द के बीच बड़े हुए भाजपा नेता अरुण जेटली राजनीति के बड़े मुकाम पर हैं। पीएम नरेंंद्र मोदी के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह के साथ प्रतिष्ठित तथाा वित्त, कारपोरेट मामले और सूचना प्रसारण मंत्रालय की बागडोर संभाल रहे जेटली का राजनीतिक सफर 70 के दशक में अखिल भारतीय विद़यार्थी परिषद से शुरु हुआ। आज भले ही अरुण जेटली सूचना एवं प्रसारण मंत्री का काम भी संभाल रहे हों मगर 90 के दशक से अबतक उन्होंने शायद कोई फिल्म नहीं देखी है।
अपनी सरकार के कामकाज की आलोचना करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी दो साल पुरानी सरकार ने 700 से ज्यादा योजनाएं शुरू की हैं और फिर भी अगर कुछ काम नहीं भी हो सके हैं तो भी मैं देश को गलत राह पर नहीं जाने दूंगा।
यूपी में अयोध्या के बाद बजरंग दल ने अब नोएडा में राष्ट्र रक्षा के नाम पर ट्रेनिंग कैंप लगाया है। शिविर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को एयरगन और तलवार के साथ लाठी भांजने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पिछले दिनों अयोध्या में ऐसे ही आयोजन पर देश के राजनीतिक गलियारों में हंगामा हुआ था।
गलत नक्शा दिखाने वाले हो जाएं सावधान, अगर आप देश का गलत नक्शा दिखाएंगे तो आपको सात साल तक की जेल हो सकती है। 100 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लग सकता है।
उद्योगपति विजय माल्या की बढ़ती परेशानियों के लिए किंगफिशर एयरलाइंस के कारोबारी मॉडल पर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारत में विमानन क्षेत्र कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और अनेक कंपनियां अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की ओर से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव सुनील अरोड़ा के नाम गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला किए जाने के बाद परिषद और केंद्र सरकार के बीच तनातनी की स्थिति पैदा हो गई है। पीसीआई ने 13 अप्रैल को यह वारंट तब जारी किया जब कई बार समन जारी होने के बाद भी प्रसारण सचिव अरोड़ा संस्था के समक्ष पेश नहीं हुए।
भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव सुनील अरोड़ा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। पीसीआई ने यह कदम अपने समन पर सोमवार को उनके उपस्थित नहीं होने पर उठाया है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह जानते हैं कि उनका यह आरोप सही नहीं है कि उनके पूर्ववर्ती ने असम के लिए कुछ नहीं किया। सिंह ने यहां दिसपुर सरकारी हाई स्कूल में अपना वोट डालने के बाद कहा, मैं नहीं चाहता कि प्रधानमंत्री मेरे बारे में कोई निर्णय सुनाएं लेकिन वह जानते हैं कि जो कुछ वह कह रहे हैं वह सही नहीं है।