केंद्रीय बजट की तैयारियां शुरू हो गई है और इसमें ग्रामीण भारत की एक महत्वपूर्ण योजना को लेकर खासा मंथन चल रहा है। यह योजना है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना।
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले से पहले अगवा हुए गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि वह इस हमले के पीड़ित हैं न कि संदिग्ध। 31 दिसंबर को गुरदासपुर जिले के एसपी सलविंदर सिंह, उनके दोस्त राकेश और रसोईया मदन गोपाल का उस वक्त अपहरण कर लिया गया था जब देर रात वह एक दरगाह पर माथा टेक कर वापस गुरदासपुर लौट रहे थे।
पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल कल पुलिस को चकमा देकर निकल भागने के बाद आज गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के धरांगधारा कस्बे से गुजरने वाले राजमार्ग पर रहस्यमय परिस्थितियों में सामने आ गए और दावा किया कि उन्हें अगवा कर लिया गया था।
हाल में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक भारत में शहरों की तुलना में गांवों में बच्चों का टीकाकरण कराने की दर बेहतर है जबकि पहले के अध्ययनों के परिणामों में इसके विपरीत बात कही गई थी। इसके साथ ही टीकाकरण की दर के मामले में मुसलमानों के बजाए हिंदू परिवारों के बच्चे बेहतर स्थिति में हैं।
लीबिया में अगवा किए गए चार भारतीयों में से दो सुरक्षित तरीके से सिर्ते विश्वविद्यालय पहुंच गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा है कि बाकी दो शिक्षकों की रिहाई के लिए प्रयास जारी है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दो शिक्षकों की रिहाई पर खुशी जाहिर की है।
इसी महीने जारी सामाजिक-आर्थिक-जाति जनगणना (एसईसीसी) के आंकड़े देखकर हम दिल्ली में समुंदर खोजने लग गए। इन आंकड़ों के नुसार दिल्ली में मछली पकड़ने की मशीनी नौकाएं 14,468 परिवारों के पास हैं-बड़े समुद्र तटीय क्षेत्र वाले तमिलनाडु के 13,760 परिवारों के पास ऐसी नौकाओं से कहीं ज्यादा। और तमिलनाडु के बड़े तटीय भूभाग को पखारता विशाल समुंदर और उसमें दूर-दूर तक डूबती-उतराती, मछली मारने के लिए जाल फैलाती अनगिनत मशीनी और मानव चालित नौकाएं हमने आंखों देखी हैं।
केंद्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के कुछ आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि, जाति से जुड़े आंकड़ों का अभी भी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीण भारत से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इनमें से कुछ आंकड़े काफी विवादस्पद नजर आते हैं। नतीजों को सार्वजनिक करने में देरी और आपत्तियों की सुनवाई को लेकर यह जनगणना पहले ही सवालों से घिरी है। जानिए देश के 640 जिलों में हुई सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना ग्रामीण भारत की कैसी तस्वीर पेश करती है-
राजस्थान के जयपुर औऱ जोधपुर के छह जिलों में पंचायतों के साथ मिल कर चलाए जा रहे सीफार संस्था के प्रयासों से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान का दिख रहा असर
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने ब्लॉग में देश की आर्थिक तरक्की का जिक्र किया है और इसमें कृषि को छोड़ अन्य दूसरे क्षेत्रों का योगदान बताया है। लेकिन उन्होंने यह जिक्र करना शायद उचित नहीं समझा कि पिछले जिस दशक के दौरान अर्थव्यवस्था में सबसे तेज विकास हुआ, उसी अवधि में रोजगार की विकास दर सबसे धीमी क्यों रही?