भारत में कनाडा के उच्चायोग ने लड़कियों के सशक्तीकरण के समर्थन में शुक्रवार को रन फॉर हर दौड़ का आयोजन किया। इस दौड़ में सैंकड़ों की संख्या में छात्रों के साथ ही विभिन्न समुदाय के नेता भी शामिल हुए।
तीन तलाक पर पाबंदी के लिए कानूनी प्रयास कर रहेे भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की फाउंडर चेयरपर्सन जकिया सोमन ने कहा कि उनका संगठन जल्द ही भोपाल में भी औरतों की शरीयत अदालत शुरू करने जा रहा है। अभी ऐसी अदालतें देश में चार स्थानों पर हैं।
हरियाणा के झज्जर जिले में एक निजी कॉलेज में दो पक्षों के बीच हुई मामूली झड़प के बाद कश्मीर घाटी के छह छात्रों की पिटाई करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संकुचित होती भूमि और घटते जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक उपायों का इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर दिया। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्लेटिनम जयंती के मौके पर दिल्ली में वैज्ञानिकों को अपने संबोधन में मोदी ने कहा, जैसा कि मैंने हमेशा कहा है, हर बूंद के साथ अधिक फसल। हमें इस तरह भी सोचना होगा- जमीन के हर एक इंच के साथ फसल का गुच्छा।
एक साथ तीन तलाक के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार के सख्त रूख अपनाने की संभावना के बीच देश की कुछ प्रमुख मुस्लिम महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार देश की सबसे बड़ी अदालत में इस महिला विरोधी प्रथा का विरोध करे और इस पर रोक सुनिश्चित कराए।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति जमीरद्दीन शाह ने कश्मीर के उरी में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक छात्र को आज विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया।
भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में भाग लेकर लौटते हुए आज कहा कि उरी में हुआ हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है और इस तरह की हरकतों का नतीजा आखिरकार अत्यंत असुखद निकलेगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आतंकवाद को कोई भी सहन नहीं कर सकता।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह मुददों से ध्यान बंटाने के लिए जुमलेबाजी करते हैं।
गुजरात में दलित समुदाय पर अत्याचार के विरोध में सूबे के दलित संगठनों ने 1 अक्टूबर को 'रेल रोको' आंदोलन की घोषणा की है। दलितों की सभा में बुधवार रात को यह फैसला किया गया।