प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सरकार को शो- कॉज नोटिस दिए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी को नहीं भेजे जाने को लेकर जवाहर सरकार को शो-कॉज किया गया। सूर्य प्रकाश वरिष्ठ पत्रकार रहे हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घनिष्ठ माना जाता है।
इलाहाबाद विश्वविद्याालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू कामकाज में सरकार के हस्तक्षेप के चलते नौकरी छोड़ रहे थे और आज बयान से पलटते हुए कहा कि सब कुछ ठीक चल रहा है। यहां तक की केंद्री मानव संसाधन विकास मंत्री की तारीफ भी कर दी।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने भारतीय ओलंपिक संघ को रियो आेलंपिक के लिए क्वालीफार्इ करने वाले पहलवानों की ज्रो सूची भेजी है उसमें दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का नाम नहीं है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी के गढ़ बनारस में यूपी मिशन की शुरुआत की। विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जदयू अध्यक्ष बनारस के नजदीक पिंडार में गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर बरसे।
विवाद को दावत देते हुए एबीवीपी के प्रदेश सचिव सुबीर हलदर ने सोमवार को धमकी दी कि कोलकाता जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के वाम समर्थित कथित देशद्रोही छात्र कॉलेज परिसर से बाहर कदम रखेंगे तो उनकी टांगें काट दी जाएगी।
कुछ आर्थिक निर्णयों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने ई-कॉमर्स, खाद्य प्रसंस्करण और विपणन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का विरोध करने का निर्णय किया है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने छात्रों को शिक्षा ऋण को लेकर आगाह करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें ठगने वाले स्कूलों के झांसे में नहीं आना चाहिए। ये स्कूल उन्हें कर्ज के बोझ में डुबा देंगे और डिग्री भी ऐसी देंगे जो किसी काम की नहीं होगी।
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एक बार फिर जेएनयू प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है। कन्हैया ने विश्वविद्यालय के वीसी के उस बयान का विरोध किया है जिसमें उन्होंने कैंपस में जारी भूख हड़ताल को गैरकानूनी कहा था।
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दो लोगों ने काला झंडा दिखाने का प्रयास किया। काला झंडा दिखाने वाले दोनों छात्र ही हैं जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि पुलिस को सौंपने से पहले कन्हैया के समर्थकों ने दोनों छात्रों की जमकर पिटाई भी की।