केन्द्र सरकार के नए फैसले से आपकी रसोई का बजट बिगड़ सकता है। केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों से सब्सिडी पर मिलने वाली रसोई गैस की कीमतें हर महीने प्रति सिलेंडर 4 रुपये बढ़ाने को कहा है।
एक तरफ कई राज्य सरकारें शराबबंदी पर जोर दे रही हैं तो दूसरी तरफ यूपी में जहरीली शराब से हुई मौतों ने सरकार की नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजमगढ़ व लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 23 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम के निर्देश पर डीएम ने थानाध्यक्ष रौनापर, इलाके के सब इंस्पेक्टर समेत तीन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा मजिस्ट्ररियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सवाल यह है कि क्या निलंबन और जांच से मृतकों के परिजनों को न्याय मिल पाएगा और क्या इस तरह का गोरखधंधा बिना पुलिस की मिलीभगत के संभव है। सरकार क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगा पाएगी।
दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के सहायक जनरल बिनय तमांग के आवास पर रेड के खिलाफ आज नारी मोर्चा ने भी अपना विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया है। विरोध प्रदर्शन उग्र होने पर सेना ने उनसे निपटने के लिए प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
तुगलकाबाद कंटेनर डिपो से रसायनिक गैस लीक होने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आज दिल्ली सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को नोटिस जारी किया। इस हादसे प्रभावित लगभग 450 स्कूली बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद में आज एक कंटेनर डिपो से गैस लीक होने पर भगदड़ मच गई। इसकी चपेट में आने से रानी झांसी सर्वोदय कन्या विद्यालय और गवर्मेंट गर्ल्स स्कूलों की 310 छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच में जुटे डीसीपी रोमिल बनिया ने बताया कि यह कंटेनर चीन से आया था।
तुगलकाबाद के कंटेनर डिपो में रखे एक कंटेनर से गैस लीक होने से दो स्कूलों के 310 से ज्यादा बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों के साथ साथ 9 स्कूल टीचर्स को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिस कंटेनर से गैस लीक हुई थी उसमें उपयोग होने वाले कैमिकल का नाम सामने आ गया है।
राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद में आज एक कंटेनर डिपो से गैस लीक होने पर भगदड़ मच गई। इसकी चपेट में आने से रानी झांसी सर्वोदय कन्या विद्यालय और गवर्मेंट गर्ल्स स्कूलों की 310 छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच में जुटे डीसीपी रोमिल बनिया ने बताया कि यह कंटेनर चीन से आया था।
तुगलकाबाद कंटेनर डिपो में बायोकेमिकल के रिसाव ने एक बार फिर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, जिस कंटेनर में यह हादसा हुआ, उस पर खतरनाक कैमिकल का लेबल भी चस्पा नहीं किया गया था। यह रिसाव ज्यादा होता तो भोपाल गैस कांड जैसा हादसा हो सकता था। इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है, यह बड़ा सवाल है।