हरियाणा में अब पियक्कड़ गौ पूजा करते नजर आएंगे। वजह है कि राज्य सरकार प्रति शराब की बोतल पर 2 रुपये गो सेवा टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले पंजाब में भी शराब की प्रत्येक बोतल पर 10 रुपये सेस लगाने की मांग की जा चुकी है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी राष्ट्रपति पद की दौड़ में आगे हो गए हैं। पहले इस पद के लिए लालकृष्ण आडवाणी का नाम आगे चल रहा था। इस बात के संकेत भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी देखने को मिला। सूत्रों के मुताबिक जोशी के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक भी अपनी सहमति जता सकता है।
संजय जोशी भाजपा में किसी बड़े पद पर नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से संजय जोशी का छत्तीस का आंकड़ा है। लेकिन इन सबके बावजूद संजय जोशी के यहां भाजपा नेताओं का दरबार लगता है।
जाने-माने ज्योतिषी पंडित अजय भांबी ने नरेंद्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के समय की कुंडली के आधार पर भविष्यवाणी की है कि प्रधानमंत्री का बेहतर समय अभी जारी रहेगा और अगले वर्ष में मोदी भारतीय राजनीतिक के क्षितिज पर और चमकते हुए दिखेंगे।
कानपुर में पानी की किल्लत को लेकर शहर कांग्रेस समिति ने भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ मंगलवार से होर्डिंग अभियान चलाया है। इस होर्डिंग में लिखा है कि शहर में पानी की कमी है और सांसद जोशी गायब हैं। जो भी सांसद को ढूंढ़ कर लाएगा, उसे एक घड़ा पानी इनाम में दिया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी जो चार दिन पहले सीबीआई द्वारा तलब किए जाने के बाद लापता हो गए थे उन्हें एजेंसी ने वित्तीय लाभ के लिए कई एनजीओ को मनमाने तरीके से एफसीआरए नोटिस कथित तौर पर जारी करने को लेकर उनके खिलाफ दर्ज मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया। मंत्रालय में अवर सचिव आनंद जोशी से सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
भारत माता की जय संबंधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी के कुछ दिन बाद संगठन के एक शीर्ष पदाधिकारी ने कहा है कि वास्तव में वंदे मातरम् ही राष्ट्रगान है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच आज घंटों विचार-विमर्श हुआ जिसमें संघ की हालिया नागौर बैठक में हुए चिंतन और भाजपा की दो दिवसीय कार्यकारिणी में उठे मुद्दों के बारे में गहन चर्चा हुई। इस बैठक में संगठनात्मक पदों पर फेरबदल के नामों की सूची बन गई है और अंतिम फैसला प्रधानामंत्री नरेंद्र मोदी से सलाह के बाद होगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पिछले 91 वर्षों से अपनी पहचान रही खाकी निकर को छोड़कर अब अपने स्वयंसेवकों के लिए भूरे रंग की पतलून को गणवेश के रूप में मान्यता दे दी है।