लखनऊ पुलिस ने पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी समेत 31 दलित कार्यकर्ताओं को आज हिरासत में ले लिया। आरोप है कि ये लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सभा करने जा रहे थे।
गौ रक्षा के नाम पर आए दिन कुछ न कुछ घटनाएं हो रही हैं। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गाय के नाम पर हिंसा में मरने वाले 97 प्रतिशत घटनाएं मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई हैं।
एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद उम्मीदवार घोषित रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद जेडीयू और आरजेडी में जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों ही पार्टियों के नेता एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख विमल गुरुंग और उनकी पत्नी आशा के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। जीजेएम नेताओं को अलग खोरखालैंड की मांग को लेकर चले आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और हिंसा में आरोपित किया गया है। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
भाजपा के राष्ट्रपति पद के लिए दलित कार्ड खेलने के बाद विपक्षी दलों ने अपना रूख साफ करना शुरू कर दिया है। बसपा का कहना है कि अगर कोई दलित उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है तो वह रामनाथ कोविंद का समर्थन कर सकती है।
हरियाणा पुलिस ने 15 दलित एक्टिविस्टों पर ‘राजद्रोह’ का केस दर्ज किया है। इसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दो छात्र भी शामिल हैं। इन पर सरकार के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।