क्वार्टर फाइनल में हार के साथ ओलंपिक पदक जीतने का अपना सपना टूटने से हताश भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण (75 किलो) ने कहा कि वह इससे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकते थे जो उन्होंने उजबेकिस्तान के बेक्तेमिर मेलिकुजिएव के खिलाफ किया।
राष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच गुरबक्श सिंह संधू लंबे समय से भारतीय टीम से जुड़े हुए हैं लेकिन उन्होंने अगले महीने होने वाले ओलंपिक के बाद अपने पद से हटने का संकेत दिया, उन्होंने कहा कि वह रियो अभियान खत्म होने के बाद आराम करना चाहते हैं।
लोकप्रिय मिठाई रसगुल्ला के उदभव स्थान को लेकर ओडिशा के साथ छिड़ी तकरार के बीच पश्चिम बंगाल ने स्पष्ट किया है कि वह इस मिठाई पर कोई दावा पेश नहीं कर रहा है, बल्कि वह तो सिर्फ राज्य में तैयार होने वाले विशेष किस्म के रसगुल्ले पर दावा कर रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि पीडीपी और भाजपा का अवसरवादी गठबंधन जम्मू कश्मीर में काम नहीं कर पा रहा है। मोदी सरकार को कश्मीरी लोगों के दिलों को जीतने की कोशिश करनी चाहिए। सिंधिया ने कहा, जम्मू कश्मीर को आर्थिक पेकैजों से नहीं जीता जा सकता है। उनके दिलों को जीतने की जरूरत है।
अस्तित्व में आने के 90 सालों के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपनी छवि में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके तहत संघ के बारे में लोगों के विचार में बदलाव करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दिग्गज पहलवान योगेश्वर दत्त आगामी रियो खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी ओलंपिक यात्रा का अंत करना चाहते हैं और उन्होंने कहा कि वह अपने इस आखिरी मुकाबले को यादगार बनाने के लिये कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
पिता और बेटे की केमेस्ट्री मिल जाए तो कमाल हो जाता है। बॉलीवुड को ध्यान में रख कर गूगल ने ऐसा ही एक विज्ञापन तैयार किया है। इंटरनेट पर हजारों लोग इसे देख चुके हैं।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया तरीका इजाद किया है जिससे किसी के खून के जरिए उस व्यक्ति को 10 साल बाद होने वाली हृदय की बीमारी का पूर्वानुमान किया जा सकता है।
ये तो सभी जानते हैं कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव और उनके वित्त मंत्री मनमोहन सिंह की जोड़ी ने देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की और देश को आर्थिक बदहाली से उबार लिया मगर यह बहुत कम लोगों को पता है राव दरअसल चीन के अपने समय के सबसे शक्तिशाली कम्युनिस्ट नेता देंग श्याओ पिंग से बेहद प्रभावित थे और उनसे मिलना चाहते थे मगर राजीव गांधी जब देश के प्रधानमंत्री थे तो राव को विदेश मंत्री होने के बावजूद अपने साथ चीन नहीं ले गए।