दो दशक पुराने हिंदुत्व संबंधी फैसले की जांच कर रहे उच्चतम न्यायालय ने आज पूछा कि किसी खास पार्टी या उम्मीदवार के लिए मतदाताओं से वोट मांगने पर चुनाव नहीं लड़ रहे आध्यात्मिक नेताओं या धार्मिक गुरुओं को चुनाव कानून के तहत भ्रष्ट क्रियाकलापों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है या नहीं?
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को सहिष्णुता का विश्वविद्यालय बताते हुए शुक्रवार को कहा कि देश में धार्मिक उत्पीड़न की इजाजत कभी नहीं दी जाएगी। सिंह ने दिल्ली में इंडिया क्रिश्चियन काउंसिल द्वारा आयोजित एक बैठक में कहा, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के लिए सहिष्णुता आवश्यक है। भारत में सभी धर्मों के लोग शांतिपूर्ण तरीके से रहते हैं और भेदभाव के बगैर अपने धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। यही कारण है कि भारत सहिष्णुता का विश्वविद्यालय है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को स्मार्ट शहरों की तीसरी लिस्ट जारी की। स्मार्ट सिटी की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध अमृतसर और अजमेर समेत 27 शहर शामिल हैं।
हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे दुनिया भर के लाखों मुसलमान हज से जुड़े अरकानों (धार्मिक रीति रिवाज) को एक-एक कर पूरा करते हुए रविवार को अराफात की पहाड़ी पर पहुंचे। इस पहाड़ी पर इबादत को हज के दरम्यान का एक अहम पड़ाव माना जाता है। पिछले साल की भगदड़ की त्रासदी के बाद इस बार व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
विभिन्न धर्मों और पंथों से नाता रखने वाले करीब 25 धार्मिक समूहों के प्रमुखों ने केन्द्र से अनुरोध किया है कि वह गंगा के संरक्षण के लिए नया कानून बनाए। गंगा दुनिया की उन नदियों में शामिल है जिन्हें सबसे ज्यादा खतरा है।
संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने विदेशी मेहमानों (पर्यटकों) के लिए भारतीय परंपरा और संस्कृति के मद्देनजर स्कर्ट जैसी वेशभूषा नहीं पहनने और छोटे शहरों में अकेले नहीं घूमने की सलाह पर कुछ स्पष्टीकरण दिए हैं। लेकिन सफाई में भी भारत के धर्मस्थलों से जुड़ी भावनाओं पर जोर दिया है।
धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट में आज कहा गया है कि साल 2015 में भारत में धर्म से प्रेरित हत्याएं, हमले, जबरन धर्म परिवर्तन, दंगे और धार्मिक आस्थाएं बदलने के लिए व्यक्ति के अधिकारों पर पाबंदी लगाने जैसी चीजें देखी गईं।
जमीअत-उलमा-ए-हिंद की ओर से दिल्ली में आयोजित ईद मिलन समारोह में उपराष्ट्रपति समेत देश की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। इनमें सियासतदान, धार्मिक नेता, कई मुल्कों के राजदूत और देश के गणमान्य लोग शामिल थे।
भारत के अग्रणी बुद्धिजीवियों में से एक रोमिला थापर ने कहा है कि धार्मिक राष्ट्रवाद अपने समुदाय की महानता रेखांकित करने के लिए इतिहासकारों के इतिहास पर पूर्वग्रह का आरोप मढ़ता है और अपना इतिहास खुद ही गढ़ लेता है।