भारत और चीन के बीच दिल्ली में 18वें दौर की सीमा वार्ता आज से शुरू हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले साल सत्ता संभालने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहले चरण की सीमा वार्ता है।
ईरान से परमाणु करार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अब तक सिर्फ इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निशाने पर थे मगर अब ओबामा प्रशासन को देश के भीतर से ही चुनौती मिली है। इस मुद्दे पर अमेरिका के रिपाब्लिकन सीनेटर खुलकर ओबामा प्रशासन के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
पाकिस्तान ने आज परमाणु एवं दूसरे पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया जो 2,750 किलोमीटर की दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है। इस तरह भारत के अधिकांश शहर इसकी मार के दायरे में आते हैं।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारत को सिर्फ शांति सुनिश्चित करने के लिए ही नहीं बल्कि अपनी क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए भी मजबूत रक्षा बलों की जरूरत है।
हर मुद्दे पर चट्टान की तरह एक-दूसरे के पाले में खड़े होने वाले इस्राइल और अमेरिका के बीच ईरान के परमाणु समझौते को लेकर विवाद हो गया है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी कांग्रेस में ऐतिहासिक संबोधन की पूर्व संध्या पर कहा कि तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कम करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच का समझौता इस्राइल के अस्तित्व के लिए खतरा साबित हो सकता है।
जिनीवा में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनके ईरानी समकक्ष ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर गहन वार्ता की, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण समय सीमा से पहले करार की राह में आड़े आ रही बाधाओं को दूर करना है।
भारत और अमेरिका ने दोनों देशों के रिश्ते मजबूत और व्यापक करने संबंधी मित्रता के दिल्ली घोषणापत्र की भावना के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय मुद्दों पर पहली द्विपक्षीय वार्ता की है।
आपसी संबंधों को नए स्तर तक ले जाते हुए भारत और श्रीलंका ने सोमवार को एक असैन्य परमाणु समझौते पर दस्तखत किए और रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के बीच हुई वार्ता के बाद इसकी घोषणा की गई।
अमेरिकी कंपनियों ने भारतीय परमाणु परियोजनाओं में निवेश के संकेत दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षाा उप सलाहकार ने उम्मीद जताई कि भारत मेंहिस्सा लेने में सक्षम होंगी अमेरिकी कंपनियांऔर उनकी चिंताओं का हल जल्द निल आएगा।