उच्च शिक्षा या शिक्षा मात्र विचारहीनता के संकट से गुजर रही है। अभी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सारे केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को फरमान जारी किया है कि वे चयन आधारित क्रेडिट व्यवस्था वाले पाठ्यक्रम 2015-16 से लागू करें। यह एक असाधारण आदेश है। विश्वविद्यालयों में क्या पढ़ाया जाएगा, क्या नहीं, यह तय करना आयोग के अधिकार-क्षेत्र से बाहर है। फिर भी, न सिर्फ उसने यह हुक्म जारी किया है, बल्कि अपने वेबसाईट पर उसने अनेक विषयों के पाठ्यक्रम बनाकर लगा भी दिए हैं। विश्वविद्यालयों को कहा गया है कि वे इन्हें तुरंत लागू करें। इनमें बीस प्रतिशत की हेर-फेर करने की छूट उन्हें है। यह अभूतपूर्व है और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में सीधा हस्तक्षेप है। मज़ा यह है कि आयोग यह नहीं बता रहा कि आखिर ये पाठ्यक्रम तैयार किन्होंने किए हैं! स्वाभाविक है कि उसके इस कदम का शिक्षकों की ओर से कड़ा विरोध हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज एक मंच पर नजर आए। दोनों ने अतीत की कटुता भूलाकर अप्रत्याशित गर्मजोशी दिखाई, जिसके कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सरकारी समर्थन से आदिवासियों का हथियारबंद संघर्ष ‘सलवा जूडूम’ भले ही सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बंद हो गया हो मगर इस अभियान की परिकल्पना और शुरुआत करने वाले कांग्रेसी नेता दिवंगत महेंद्र कर्मा के बेटे छबिंद्र कर्मा इस अभियान को फिर शुरू करने की तैयारी में हैं।
पाकिस्तान के साथ लगने वाली समुद्री सीमा पर बढ़ते संकट के मद्देनजर भारतीय नौसेना गुजरात के पोरबंदर के पास एक नया नौसैन्य अड्डा बनाएगी ताकि क्षेत्र में निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।
किताबों की हमारे जीवन में उपस्थिति और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए साहित्य अकादेमी ने ‘साहित्य मंच’ के अंतर्गत विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर एक विशिष्ट कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्त्वपूर्ण लोगों ने किताबों से अपने रिश्तों को श्रोताओं से साझा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसार भारती के सीईओ श्री जवाहर सरकार ने की।
करोड़ों लोगों की धड़कन बन चुका फेसबुक अपना अपना रूप-रंग बदल रहा है। फेसबुक ने कहा कि वह अपने न्यूज फीड को नया स्वरूप दे रहा है ताकि लोगों को अपने दोस्तों के बारे में ज्यादा बेहतर सूचना मिल सके।
फॉर्चून पत्रिका ने विश्व के 50 महानतम नेताओं की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी को शामिल किया है।
फॉर्चून ने व्यवसाय, सरकार एवं परोपकार के क्षेत्र में बदलाव करने वाले असाधारण पुरषों एवं महिलाओं की इस वर्ष की अपनी वार्षिक सूची में प्रधानमंत्री मोदी को पांचवें और सत्यार्थी को 28वें स्थान पर जगह दी है।