बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार ने पार्टी के अंदर घमासान मचा दिया है। पार्टी सांसद शत्रुध्न सिन्हा और आरके सिंह को पार्टी से निकालने की मांग होने लगी है वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के घर पर नेताओं की बैठक में भी एक-दूसरे पर आरोप लगते रहे। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संघ नेताओं से मुलाकात कर हार के कारणों पर चर्चा की।
आज बिहार विधानसभा चुनाव के पांचवें और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया है। शाम 5 बजे तक 59.46 फीसदी मतदान हुआ। इस चरण में राज्य के नौ जिलों मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और दरभंगा के कुल 57 विधानसभा क्षेत्रों के लिए वोट डाले गए।
बिहार विधानसभा चुनाव के पांचवें और आखिरी चरण का मतदान संपन्न होते ही आज कई न्यूज चैनलों ने अपने एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए हैं। टुडेज-चाणक्य और इंडिया टुडे को छोड़कर ज्यादातर एग्जिट पोल कांटे की टक्कर में महागठबंधन का पलड़ा भारी होने का अनुमान लगा रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के बाद आए टूडेज चाणक्य ने महागठबंधन के नेताओं को चौका दिया। चाणक्य के एक्जिट पोल के मुताबिक बिहार में भाजपा गठबंधन की सरकार बनना तय है।
बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले गाय को लेकर प्रकाशित भाजपा के एक विज्ञापन पर राजनीति गरमा गई है। इस विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए नीतीश कुमार नीती महागठबंधन ने चुनाव आयोग से शिकायत करने का फैसला किया है।
पंजाब में कर्ज की वजह से न केवल किसान बल्कि खेत मजदूर भी आत्महत्या कर रहे हैं। राज्य में अरसे से किसानों के अलावा खेत मजदूरों की सुध लेने के लिए आंदोलन भी जारी है। गौरतलब है कि राज्य की कपास पट्टी में सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। अब सरकार कपास की चुगाई करने वाले उन खेत मजदूरों की स्थिति का जायजा लेगी जो भूख और कर्ज की वजह से आत्महत्याएं करने पर विवश हैं।
बिहार में चुनावी परिणाम चाहे जो रहे, सरकार चाहे नीतीश कुमार की बने या नरेंद्र मोदी की, इन चुनावों के प्रचार ने राष्ट्रीय राजनीति के कई बंद दरवाजों को खोला है। कई ऐसे समीकरण आए, जिनके बारे में कुछ सालों पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था। नीतीश और लालू का साथ आना, अति पिछड़ा वर्ग का निर्णायक स्थिति में पहुंचना, तमाम वाम दलों का मिलकर चनाव लड़ना और पहली बार देश के प्रधानमंत्री का किसी राज्य के चुनाव के लिए रिकॉर्ड सभाएं करना। इन तमाम पहलुओं पर बिहार की जनता ने पैनी निगाह रखी और हर पहलू पर जमकर चर्चा हुई। ये बहसें सिर्फ बिहार की धरती तक ही सीमित नहीं रहीं, जहां भी बिहारी हैं, वहां बिहार के राजनीतिक भविष्य पर चिंता हावी रही।
देश में कथित तौर पर बढ़ती असहिष्णुता पर विपक्ष समेत विभिन्न वर्गों की आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद कांग्रेस को असहिष्णुता पर हमें उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है, वे इस विषय पर ड्रामा कर रहे हैं।