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सहारनपुर में महाराणा प्रताप के जुलूस को लेकर हिंसा, पथराव-आगजनी में एक की मौत, 16 घायल

सहारनपुर में महाराणा प्रताप के जुलूस को लेकर हिंसा, पथराव-आगजनी में एक की मौत, 16 घायल

महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आज सहारनपुर में निकाली गई शोभा यात्रा को लेकर दो पक्षों में टकराव हो गया। जुलूस को लेकर शुरु हुए बवाल में एक युवक की मौत हो गई।
जनता के मौन का खतरा भी

जनता के मौन का खतरा भी

भारतवासी अपने संस्कार और हजारों वर्षों की परंपरा से धैर्यवान हैं। जीवन में कठिनाइयों से जूझना, श्रम के साथ प्रकृति-ईश्वर के प्रति आस्था। रखना उनके स्वभाव में है। इसलिए आर्थिक क्रांति की तरह सरकार द्वारा रातों-रात एक हजार और पांच सौ के नोटबंदी के फैसले पर देश के विभिन्न भागों में गंभीर समस्याओं, लंबी पंक्तियों, बीमारी के इलाज, असामयिक मृत्यु, विवाह में बाधाओं के बावजूद हिंसक घटनाएं नहीं हुई। सरकार ने इस धैर्य और मौन को निर्णय का व्यापक समर्थन एवं स्वीकृति करार दिया है।
शिवसेना ने पवार पर साधा निशाना

शिवसेना ने पवार पर साधा निशाना

महाराष्ट्र में मराठा समाज के लोगों द्वारा राज्य भर में निकाले जा रहे मौन जुलूस को लेकर राकांपा प्रमुख शरद पवार पर हमला बोलते हुए शिवसेना ने मगंलवार को उनसे पूछा कि जब उनकी पार्टी राज्य और केंद्र में सत्ता में थी तो उसने समाज की मांगों को पूरा करने के लिए क्यों कुछ नहीं किया।
उत्तराखंड: जुलूस के दौरान हरक सिंह रावत पर महिला ने फेंकी चप्पल

उत्तराखंड: जुलूस के दौरान हरक सिंह रावत पर महिला ने फेंकी चप्पल

उत्तराखंड के चमोली जिले में भाजपा की पर्दाफाश रैली से पहले निकाले गए एक जुलूस के दौरान पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर एक महिला ने चप्पल फेंकी। जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले मकानों की छत पर खड़ी महिलाओं में से एक ने रावत पर चप्पल फेंकी।
मनमोहन सिंह के मौन का अर्थ। आलोक मेहता

मनमोहन सिंह के मौन का अर्थ। आलोक मेहता

मनमोहन सिंह की ईमानदारी और भलमनसाहत पर कोई प्रश्न नहीं उठाया गया। यह तर्क भी दिया जाता है कि वह राजनीतिज्ञ ही नहीं हैं। उनके वित्त मंत्री रहते शेयर घोटाले जैसे आरोप आने पर सारा कीचड़ नरसिंह राव के सिर पर उलट दिया गया। 2004 से 2014 तक दस वर्ष प्रधानमंत्री रहते हुए सरकार पर घोटालों और भ्रष्टाचार के गंभीरतम आरोप लगे एवं कांग्रेस पतन के गर्त तक पहुंच गई।
राजनीतिक जंग का सबसे अहम मैदान सोशल मीडिया

राजनीतिक जंग का सबसे अहम मैदान सोशल मीडिया

अब राजनीतिक चुनाव सिर्फ सभाओं, जुलूसों, नारेबाजियों और पोस्टरों के जरिये नहीं लड़े जाते हैं। इस जंग का एक और ऐसा मैदान है जो दिखाई तो नहीं देता लेकिन वहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होती है। जनमत बनता है। जंग का यह नया मैदान सोशल मीडिया है। इस नए मैदान की लागत कम है और इसका फल इस मायने में मीठा है कि यह जनता को प्रभावित करने की जबरदस्त क्षमता रखता है। आज लगभग तमाम केंद्रीय मंत्री, सरकार, राज्य सरकारें, छोटे-बड़े नेता, विधायक, सांसद, मंत्रालय और राजनीतिक पार्टियों समेत देश की तमाम प्रभावशाली हस्तियां सोशल मीडिया का प्रयोग कर रही हैं।
मन की बात: मोदी ने समझाई 'दो मिनट के मौन' की ताकत

मन की बात: मोदी ने समझाई 'दो मिनट के मौन' की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्ष 2016 में पहली बात 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिये देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने लोगों को 30 जनवरी के दिन 2 मिनट का मौन रखकर देश के लिए अपना जीवन लगा देने वाले महापुरुषों को याद करने का मूलमंत्र दिया।
मोदी के मन की बात पर आयोग की मौन सहमति

मोदी के मन की बात पर आयोग की मौन सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रविवार को रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित करेंगे। बताया जाता है कि चुनाव आयोग ने बिहार में लागू चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर इस कार्यक्रम के प्रसारण पर लाल झंडी नहीं दिखाई है।
बनारस में जुलूस के दौरान हिंसा, कुछ घंटे रहा कर्फ्यू

बनारस में जुलूस के दौरान हिंसा, कुछ घंटे रहा कर्फ्यू

संतों और स्थानीय लोगों द्वारा निकाले जा रहे जुलूस के दौरान हिंसा और आगजनी में आठ पुलिस वालों समेत कम से कम 12 लोग घायल हो गए। स्थिति को काबू में लाने के लिए बनारस के कई इलाकों में कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू भी लगाना पड़ा। पथराव, आगजनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव के मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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