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Search Result : "यौन संबंध"

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति दोषी, विपक्ष ने छेड़ा महाभियोग का अभियान

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति दोषी, विपक्ष ने छेड़ा महाभियोग का अभियान

दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष अदालत ने आज अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति जैकब जुमा ने अपने निजी घर की मरम्मत कराने और उसे खुबसूरत बनाने के लिए सरकारी खजाने से लिए गए लाखों डॉलर अदा नहीं करने की वजह से संविधान का उल्लंघन किया है जिसके बाद विपक्ष ने सांसत में पड़े जुमा के खिलाफ महाभियोग का अभियान छेड़ दिया।
आसाराम पर आरोप लगाने वाली लड़की के पिता को धमकी

आसाराम पर आरोप लगाने वाली लड़की के पिता को धमकी

प्रवचनकर्ता आसाराम बापू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता का आरोप है कि उन्हें उनकी बेटी के मामले में दर्ज मुकदमा वापस लेने अथवा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
चर्चाः पांच कदम आगे, दो कदम पीछे | आलोक मेहता

चर्चाः पांच कदम आगे, दो कदम पीछे | आलोक मेहता

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनना हो या पाकिस्तान के साथ संबंध या सूफी सम्मेलन, भाजपा सरकार जोर-शोर से पांच कदम आगे बढ़ाती है। कुछ घंटे या कुछ दिन-सप्ताह बाद उसी पार्टी और सरकार के दो कदम पीछे जाते दिखाई देते हैं। यह लुकाछिपी के खेल जैसा है।
'मोदी, अशोक के बाद दूसरे बड़े शासक’ - प्रो. लोकेश चंद्र

'मोदी, अशोक के बाद दूसरे बड़े शासक’ - प्रो. लोकेश चंद्र

प्रोफेसर लोकेश चंद्र शास्त्रीय यूनानी, लैटिन, चीनी, जापानी, पारसियों की अवेस्ता, पुरानी फारसी और सांस्कृतिक महत्व की अन्य भाषाओं के ज्ञाता हैं। वह संस्कृत, पालि और प्राकृत भाषा के विद्वान हैं। उनके नाम 596 कार्य और पाठ संस्करण हैं। उनमें से तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश, तिब्बती साहित्य के इतिहास के लिए सामग्री, तिब्बत का बौद्ध प्रतिमा विज्ञान और 15 खंडों में बौद्ध कला का उनका शब्दकोश जैसी कालजयी कृतियां हैं। उन्होंने बुद्ध और शिव तथा भारत एवं जापान के बीच सांस्कृतिक संगम पर भी लिखा है। फिलहाल वह भारत और चीन के बीच पिछले दो हजार वर्षों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर लिख रहे हैं। लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय से सन 1947 में स्नातकोत्तर करने वाले प्रोफेसर चंद्र भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के अध्यक्ष हैं। साथ ही वह भारतीय संस्कृति की अंतरराष्ट्रीय अकादमी, एशियाई संस्कृतियों के लिए एक प्रमुख अनुसंधान संस्था के मानद निदेशक हैं। वह सन 1974 से 1980 और 1980 से 1986 तक दो अवधियों में लिए राज्यसभा से संसद सदस्य भी रह चुके हैं। प्रोफेसर चंद्र ने आउटलुक की सहायक संपादक आकांक्षा पारे काशिव से देश और प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं पर बात की।
हसनैन ने अपनी बहन के साथ यौन दुर्व्यहार किया था

हसनैन ने अपनी बहन के साथ यौन दुर्व्यहार किया था

ठाणे में अपने ही परिवार के 14 सदस्यों की नृशंस हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले हसनैन वारेकर ने अपने रिश्तेदारों से भारी कर्ज ले रखा था और ऐसी आशंका है कि उसने अपनी एक बहन के साथ यौन दुर्व्यवहार भी किया था जो मानसिक रूप से कमजोर थी।
मुरथल बलात्कार कांड: पुलिस का हेल्पलाइन नंबर इंदौर के व्यक्ति का

मुरथल बलात्कार कांड: पुलिस का हेल्पलाइन नंबर इंदौर के व्यक्ति का

मुरथल में कुछ महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए हरियाणा पुलिस ने शुक्रवार को तीन अधिकारियों के जो नंबर जारी किए उनमें से एक नंबर इंदौर के एक व्यक्ति का था। हरियाणा पुलिस के नंबर जारी करते ही उस व्यक्ति को इस संबंध में शुक्रवार से लगातार फोन आ रहे हैं।
देवांश मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी दिल्‍ली सरकार

देवांश मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी दिल्‍ली सरकार

दिल्ली सरकार ने कहा हैै कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र देवांश की मौत के बाद उसके पिता के आरोपों के मद्देनजर सीबीआई जांच की सिफारिश की जाएगी। पिता का आरोप है कि बच्चे का यौन उत्पीड़न कर उसकी हत्या की गई।
यौन उत्पीड़न के आरोप को सरदार सिंह ने खारिज किया

यौन उत्पीड़न के आरोप को सरदार सिंह ने खारिज किया

भारतीय मूल की एक अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लुधियाना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इक्कीस वर्षीया इस महिला का दावा है कि वह पिछले चार साल से सरदार के साथ रह रही थीं। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि सरदार ने उन्हें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया। आलोचनाओं से घिरे सरदार सिंह ने बुधवार कााा भारतीय मूल की ब्रिटिश हॉकी खिलाड़ी द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को यह कहते हुए खारिज किया कि हालांकि वह उसे जानते हैं लेकिन उनकी मंगनी नहीं हुई जैसा इस महिला खिलाड़ी ने दावा किया है।
धारा 377 मामला: पांच जजों की पीठ को सौंपी याचिका

धारा 377 मामला: पांच जजों की पीठ को सौंपी याचिका

भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत स्वेच्छा से दो वयस्कों के बीच समलैंगिक यौन संबंध स्थापित करने को अपराध की श्रेणी में रखने संबंधी शीर्ष अदालत के फैसले पर फिर से गौर करने के लिए दायर सुधारात्मक याचिका को आज उच्चतम न्यायालय ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दी।
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