मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन की मांग मान ली है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शनिवार को प्रैसवार्ता में इस बात का एलान किया है। इसे एक जुलाई, 2014 से लागू किया जाएगा और इसमें स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले सैनिकों को शामिल नहीं किया गया है।
आंदोलन समाप्त करने के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के सुझाव को दरकिनार करते हुए वन रैंक, वन पेंशन योजना को लागू करने का सरकार पर दबाव बनाने के लिए शुरू किए गए आमरण अनशन में आज एक और वरिष्ठ पूर्व सैनिक शामिल हो गए।
नागरिकों की निजता खतरे में है। हर कदम पर यह खतरा महसूस होने लगा है। आधार कार्ड से लेकर डीएनए विधेयक तक और गली-मोहल्ले में कानून का हवाला देकर फैली नैतिक पुलिसिंग तक। मुंबई में पुलिस ने होटल पर छापा मारकर वहां कमरों में टिके युगलों को अपराधियों की तरह निकाला और उनके साथ बदसलूकी की। उन्हें सार्वजनिक अश्लीलता संबंधी कानून के तहत दोषी बताया गया। क्या यह किसी सभ्य-परिपक्व राज्य की निशानी है। नहीं।
सेना के जवानों में तनाव की समस्या को जानने के लिए सरकार ने एक विशेषज्ञ संस्था से अध्ययन कराया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर जवानों के मानसिक तनाव दूर करने के लिए कई उपाय आजमाए जा रहे हैं।
नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से पत्रकारों को रक्षा, गृह, विदेश, वित्त मंत्रालय के बाद अब संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में भी जाने पर मौखिक आदेश के जरिये प्रतिबंध लगा दिया गया है। पत्र सूचना कार्यालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी इन मंत्रालयों में जाने पर सुरक्षाकर्मी तभी अंदर जाने देते हैं जब अधिकारी चाहें।
अब तक चीन भारत को भले ही घोषित रूप से अपने लिए खतरा नहीं मानता रहा हो और भारत के साथ दोस्ती को बढ़ावा देने की बात करता रहा हो मगर अब उसने आखिरकार यह मान लिया है कि उसके हवाई क्षेत्र को भारत से खतरा हो सकता है।