तुर्की ने दावा किया है कि ब्रसेल्स विस्फोटों के एक हमलावर इब्राहिम अल बकरावी को उसने 2015 में देश से निर्वासित किया था। बकरावी उन दो आत्मघाती हमलावरों में शामिल था जिन्होंने बेल्जियम की राजधानी के हवाई अड्डे पर खुद को उड़ा लिया था।
पुरानी कहावत है कि अति किसी भी चीज की बुरी होती है और वह चीज यदि शराब हो तो फिर भगवान ही मालिक है। कहते हैं यह ऐसी शै है जो किसी को आपका सगा नहीं रहने देती, फिर चाहे आप शराब पीते हों या बेचते हों, कोई फर्क नहीं पड़ता। विजय माल्या इस देश में घर-घर पहचाना नाम हैं क्योंकि उनके पिता द्वारा बनाई गई और खुद उनके द्वारा बेहिसाब तरीके से फैलाई गई कंपनी ने इस देश में शराब के उत्पादन और बिक्री के अगले-पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले।
शराब व्यवसायी विजय माल्या की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। ऋण वसूली न्यायाधिकरण ने कहा कि बैंक कर्ज से जुड़े मामले का निपटान होने तक विजय माल्या डियाजिओ से प्राप्त 7.50 करोड़ डॉलर राशि नहीं निकाल सकते हैं। माल्या को यह पैसा यूनाइटेड स्प्रीट्स लिमिटेड का चेयरमैन पद छोड़ने और कंपनी के कामकाज से अलग होने के समझौते के तहत देने की घोषणा की गई थी।
ग्लोबोकैन ने खुलासा किया है कि दुनियाभर में लगातार तेजी से कैंसर के नए मामलों में इजाफा हो रहा है। ग्लोबोकैन का कहना है कि 2008 में प्रकाशित हुए आंकड़ों की तुलना में 7.05 फीसदी नए मामलों में वृद्धि हुई है। भारत में बढते कैंसर के मामले चिंता का विषय है। कैंसर के मुख्यतः कारक वायु व जल प्रदूषण, कीटनाशक, जीवनशैली, डाइट, तंबाकू, शराब और पान मसाला है। दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मृत्यु के बाद देश में कैंसर से मौत शीर्ष कारणों में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनिर्माण क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े सम्मेलन मेक इन इंडिया (एमआईआई) सप्ताह का शनिवार को मुंबई में उद्घाटन किया। इस अवसर पर कई देशों के शीर्ष राजनेताओं के साथ उद्योग जगत के प्रमुख और विदेशी शिष्टमंडल के सदस्य मौजूद थे। सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य देश के विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की सफलता को प्रदर्शित करना है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने अभी तक शेयर बाजारों से 9,500 करोड़ रुपये की निकासी की है। वैश्विक वृद्धि को लेकर चिंता तथा कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से यह निकासी हुई है।
भारत में वर्ष 2015 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह लगभग दोगुना हो गया। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) ने कहा कि पिछले साल विदेशी निवेश पाने वाले देशों में अमेरिका शीर्ष पर रहा। अंकटाड की सालाना रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष वैश्विक स्तर पर एफडीआई का प्रवाह अप्रत्याशित रूप से 36 प्रतिशत बढ़ कर 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के पहले के स्तर के करीब पहुंच गया।