उच्चतम न्यायालय ने आज भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को अयोध्या मालिकाना विवाद से संबंधित लंबित मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति दे दी। स्वामी ने ढहाए गए विवादित ढांचे के स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए याचिका दायर की है।
अपनी सजा पूरी कर जेल से रिहा हुए बाॅलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने कहा कि वह आतंकवादी नहीं हैं और 1993 के मुंबई विस्फोटों के मामले में दोषी ठहराए जाने की कड़वी यादों को पीछे छोड़ देना चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह आतंकी नहीं हैं और उनके नाम के साथ मुंबई ब्लास्ट को न जोड़ा जाए।
फिल्म अभिनेता संजय दत्त आज सुबह पुणे की यरवदा जेल से रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने सबसे पहले धरती चूमकर अपना प्यार जताया और बाहर आने के बाद जेल की इमारत को सैल्यूट किया। इसके बाद संजय दत्त वहां से हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए जहां से उन्हें एक चार्टर्ड विमान से मुंबई जाना था। रिहाई के बाद खुद संजय ने कहा कि अपने समर्थकों की वजह से आज वे रिहा हुए हैं।
आज सुबह उत्तरी और मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में जल आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल हो गई। हालांकि दिल्ली के जलमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि जब तक हरियाणा के जाट आंदोलन के कारण क्षतिग्रस्त हुई मूनक नहर की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक जल आपूर्ति सीमित ही रहेगी।
देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद कन्हैया की जमानत पर सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को कल तक मामले की जांच की स्थिति रिपोर्ट अदालत में दायर करने को कहा है। अदालत में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की जमानत का विरोध किया।
भाजपा के सांसद गोपाल शेट्टी ने आज एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए किसानों की आत्महत्या को जिंदगी खत्म करने का फैशन करार दिया है। यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है कि जब कृषि संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र में इस साल जनवरी से अब तक 124 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
उच्चतम न्यायालय ने आज कांग्रेसी नेताओं के इस अनुरोध पर अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार किया कि अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल जेपी राजखोवा को फिलहाल राष्ट्रपति शासन के अधीन इस राज्य में नई सरकार को शपथ दिलाने से रोका जाए।
अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर सुनाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी मुख्यमंत्री के विशिष्ट अधिकार को राज्यपाल नहीं हड़प सकते। साथ ही अदालत ने कहा कि संविधान में राज्यपालों के सीमित अधिकार हैं जिनका इस्तेमाल लोकतंत्र की अक्षुण्णता सुनिश्चित करने के लिए न्यायोचित और निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए।