इन दिनों लगातार संसद की कार्यवाही में पड़ रहे व्यवधान से दुखी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज परोक्ष रूप से विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र किसी की मर्जी और पसंद के हिसाब से काम नहीं कर सकता।
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर राहुल गांधी के प्रधानमंत्री कार्यालय पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए सरकार ने आज उन्हें चुनौती दी कि संसद की कार्यवाही को ठप करने के बजाए वह संसद में इस बारे में सुबूत पेश करें।
लोकसभा में आज विभिन्न दलों के सदस्यों ने मांग की कि देश के मंदिरों, वक्फ बोर्डों और विभिन्न ट्रस्टों के पास पड़ी हजारों करोड़ की संपदा का इस्तेमाल समाज कल्याण योजनाओं में किया जाय। यही नहीं सरकार ट्रस्टों समेत देश में कार्यरत एनजीओ सेक्टर की लगातार निगरानी सुनिश्चित करे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किया जा रहा 100 फीसदी राजनीतिक प्रतिशोध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका में पूरी आस्था है।
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहे जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस सदस्यों ने आज संसद में सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। इसके कारण दोनों सदनों में कामकाज ठप हो गया और दो बार के स्थगन के बाद कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा। सुबह लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी सदस्य आक्रामक तेवरों के साथ आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। ये सदस्य नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ तानाशाही नहीं चलेगी, बदले की राजनीति बंद करो, हिटलरशाही नहीं चलेगी, हम ना डरे हैं , ना डरेंगे, सच की लड़ाई लड़ेंगे जैसे नारे लगा रहे थे।
भ्रष्टाचार रोधक विभिन्न सरकारी इकाइयों के कार्यों में परस्पर दोहराव को देखते हुए संसदीय समिति ने आज केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा को सीधे लोकपाल की कमान और नियंत्रण में लाए जाने की सिफारिश की। समिति ने इसके साथ ही लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन में लोकसभा में कोई मान्य नेता विपक्ष नहीं होने की सूरत में सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को चयन समिति में बतौर सदस्य शामिल करने का भी सुझाव दिया।
राज्यसभा में आज कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने सड़कों पर सम और विषम संख्या के आधार पर कारों को उतारने के संबंध में दिल्ली सरकार के निर्णय को तुगलकी फैसला करार देते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को दुरुस्त किए बिना यह कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। हालांकि सरकार एवं कांग्रेस सहित कई सदस्यों ने राजधानी में वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
सुचारू रूप से चल रहे संसद के दोनों सदनों के कामकाज को देखते हुए सरकार की योजना है कि अगले सप्ताह जीएसटी और रियल एस्टेट विधेयक को पारित कराया जाए। इसलिए इन विधेयकों को पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। इनके साथ ही लोकसभा में छह और राज्यसभा में सात विधेयकों को पारित कराने की भी योजना है। इनमें से दो विधेयक पहले से ही निचले सदन में और तीन विधेयक उच्च सदन में सूचीबद्ध हैं।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में आई भीषण बाढ़ को लेकर सरकार ने माना कि स्थिति अधिक गंभीर है और शहर एक टापू बनकर रह गया है। संसद के दोनों सदनों में बाढ़ को लेकर चर्चा हुई और सांसदों ने कहा कि स्थिति की भयावहता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। यह संभव है कि सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दे।