भारती एयरटेल ने शनिवार को कहा कि उसने चीन के दो वित्तीय संस्थानों- चाइना डेवलपमेंट बैंक और इंडस्ट्रीयल एंड कामर्शियल बैंक ऑफ चाइना से ढाई अरब डॉलर के ऋण के लिए समझौते किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली चीन यात्रा के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी एक समझौता संभव है। विश्वस्त सरकारी सूत्रों का कहना है कि आज मंत्रिमंडल में भी चीन के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने के प्रावधान वाला संविधान (122वां संशोधन) विधेयक-2014 बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया। हालांकि राज्यसभा में इसके भविष्य को लेकर अभी अनिश्चितता बरकरार है। इस विधेयक को मंगलवार को चर्चा के लिए लोकसभा में लिया गया था और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभी दलों से दलगत भावना से ऊपर उठकर इसका समर्थन करने की अपील की थी।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बांग्लादेश के साथ थल सीमा संबंधी समझौते के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित विधेयक के मसौदे को मंगलवार को मंजूरी दे दी, जिसमें पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मेघालय के साथ-साथ असम से जुड़े क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत के नेता मिच मैक्कोनल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते की आलोचना की है और समझौते का विरोध करने वाले सांसद इसके खिलाफ औपचारिक प्रतिक्रिया देने की योजना बना रहे हैं।
ईरान और विश्व के कुछ अन्य प्रमुख देश स्विट्जरलैंड में लंबी वार्ता के बाद तेहरान के परमाणु अभियान पर नियंत्रण के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौते की रूपरेखा पर आज सहमत हो गये।
तेहरान के विवादपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और छह वैश्विक शक्तियों के बीच बनी सहमति का भारत ने आज स्वागत किया है। इसके साथ ही भारत ने यह उम्मीद जताई है कि यह आपसी सहमति 30 जून तक एक समग्र समझौते का रूप ले सकेगी।
अमेरिकी कंपनी मिराक कैपिटल ने सहारा समूह के खिलाफ 40 करोड़ डालर का मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। मिराक का आरोप है कि सहारा समूह के साथ वित्तीय सौदा नाकाम रहने के कारण उसे अपूरणीय क्षति हुई है और उसके निवेशकों का भरोसा हिला है।
ईरान से परमाणु करार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अब तक सिर्फ इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निशाने पर थे मगर अब ओबामा प्रशासन को देश के भीतर से ही चुनौती मिली है। इस मुद्दे पर अमेरिका के रिपाब्लिकन सीनेटर खुलकर ओबामा प्रशासन के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
क्या ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और इस्राइल के दशकों पुराने संबंध फीके पड़ जाएंगे? क्या ईरान इन दोनों चिर मैत्री में बंधे देशों के बीच दरार डाल देगा? अगर इ्स्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वर्तमान अमेरिका दौरे की घटनाओं को देखें तो आभास कुछ-कुछ ऐसा ही होता है।