भाजपा सरकार को आज सत्ता संभालते हुए तीन साल हो गए हैं। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले तीन सालों में मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों के दौरान देश की जनता का आत्मविश्वास बढ़ा है।
उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था मोदी सरकार के तीन साल के जश्न का मजा किरकिरा कर सकती है। मोदी और योगी पर हमले के मुद्देे तलाश रहे विपक्ष को सहारनपुर हिंसा और ग्रेटर नोएडा में चार महिलाओं से गैंगरेप की घटना ने बड़ा मुद्दा दे दिया है।
केन्द्र में अपने तीन साल पूरे करने जा रही भाजपा जहां जश्न की तैयारी में है, वहीं आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ ट्विटर वार छेड़ दिया है। आज सुबह से ही ट्विटर पर आप ने भाजपा को कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है।
क्या आपको पता है कि आठ सालों के भीतर पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारें गायब हो जाएंगी? यह बात सुनने में जरूर अटपटी लग रही हों लेकिन स्टैनफोर्ड के अर्थशास्त्री टोनी सेबा का मानना है कि ऐसा नजारा जल्द ही देखने को मिल सकता है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन का मानना है कि मोदी सरकार ने तीन साल में देश को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है और सुधारों की दिशा में बड़े कदम बढ़ाए हैं। सार्वजनिक संसाधनों के आवंटन में भ्रष्टाचार पर अंकुश और जैम व्यवस्था को वे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियां मानते हैं। लेकिन यह भी स्वीकार करते हैं कि तेज आर्थिक वृद्धि दर के बावजूद रोजगार के मौकों की रफ्तार धीमी है। उन्होंने अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति और केंद्र सरकार के तीन साल के कामकाज से जुड़े कई अहम मु्द्दों पर आउटलुक के संपादक हरवीर सिंह से बेबाक बातचीत की। कुछ अंश:
आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने आज एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाए हैं। कपिल मिश्रा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मामले में 400 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।”
केन्द्र में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने पर राहुल गांधी ने कटाक्ष किया है। राहुल ने ट्वीट कर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
स्नैक वाला गेम याद है ना? तब नोकिया का 3310 भी याद ही होगा। 17 साल बाद नए लुक के साथ अब नोकिया 3310 मोबाइल सेट की वापसी हो गई है। आज नोकिया के राइट्स वाली कंपनी एचएमडी ग्लोबल ने इसे लॉन्च कर दिया है।
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा बरकरार रख अदालत ने अपनी तरह से इंसाफ कर दिया है, लेकिन महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के मामले में सरकारी सुस्ती दूर नहीं हुई है। महिला सुरक्षा और पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए स्थापित निर्भया फंड के इस्तेमाल की गति शुरुआत से ही काफी धीमी रही है।