राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस के विधायकों का इस तरह इस्तीफा देना पार्टी के लिए बड़ी मुश्किलों खड़ा कर सकता है। गुजरात में इस तरह की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने अपने 46 विधायकों को बेंगलुरू रवाना कर दिया है।
कांग्रेस सहित 17 विपक्ष विपक्षी पार्टियों की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार ने आज बेंगलुरु में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाकात की। मीरा कुमार प्रधानमंत्री के गृह प्रदेश गुजरात में विधायकों से समर्थन मांगने गुजरात गई थीं।
पीएम नरेंद्र मोदी नोटबंदी का कदम उठाकर इसे देश केे हित में बता रहे हैं पर इस कड़वी दवा का असर पड़ने लगा है। ग्रामीण इलाकों में दैनिक मजदूरी पर आधारित योजना मनरेगा को भी नोटबंदी ने जमकर प्रभावित किया है। रोजगार की गारंटी देने वाली इस स्कीम में पिछले महीने के मुकाबले नवंबर में 23 प्रतिशत रोजगार घटा है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी लाकर देशभर में भ्रष्टाचार मिटाने की जो कोशिश की है उसमें अब पलीता लगने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जगह जगह बैंकों में लगी लाइनें और एटीएम में नकदी का अभाव लोगाें को परेशान कर रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में तो हाल और बुरा है।
पीएम नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के बाद माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री को सबसे गहरा धक्का पहुंचा है। देश के गांवों और कस्बों को वित्तीय समावेशी बनाने में माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री अहम भूमिका निभाती है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली और कर्ज वितरण की रफ्तार लगभग रुक गई है। कर्ज वसूली में 30 फीसदी और वितरण में 70 फीसदी की गिरावट आई है।
बेंगलुरू से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी जब्त करने के बाद आयकर अधिकारियों ने उडुपी से तीन व्यक्तियों के पास से दो-दो हजार रुपये के नोट वाली 71 लाख रुपये की राशि जब्त की है।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के कदम के लिए मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए सोमवार को कहा कि ग्रामीण भारत को चोट पहुंचाने के लिए कोई दुश्मन भी नोटबंदी से बेहतर योजना नहीं बना सकता था।
गरीबों के लिए लाई गई योजना मनरेगा आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। चालू वित्त वर्ष के लिए अतिरिक्त आवंटन के बावजूद काम मांगने वालों की संख्या बढ़ने से सालभर के लिए आवंटित राशि खत्म हो गई है। गांव के गरीबों को रोजगार मुहैया कराने वाली योजना को आगे चलाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते विवादित बयान देने में आगे हैं। उनका एक और विवादास्पद बयान सामने आया है। इस बार उन्होंने अपने प्रदेश यानी मध्यप्रदेश के डॉक्टरों पर निशाना साधा है। उन्होंने मध्यप्रदेश के डाॅॅक्टरों को 'अड़ियल बैल' बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इन डाॅॅक्टरों पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं की जा सकती। वह सख्ती करने पर पूरी तरह असमर्थ हैं।