अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली की दो रामलीला समितियों ने नवाजुद्दीन को अपनी रामलीला में भूमिका देने की पेशकश की है। दरअसल अपने शहर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना की रामलीला में उनके भागे लेने का विरोध किए जाने पर नवाज ने निराश होते हुए कहा था कि रामलीला में अभिनय करना उनके बचपन का सपना है।
देश में क्रिकेट के सुधार के लिए न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति के निर्देशों को लागू करने में बागी तेवर अपनाने और राज्य संगठनों को जल्दबाजी में करीब 400 करोड़ रूपये बांटने को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को आज उच्चतम न्यायालय की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा है कि प्रदेश भाजपा के कुछ नेता केंद्र में जाकर अपने ही नेताओं की चुगली करना बंद करें। विजयवर्गीय ने यह बात हाल में हुई प्रदेश भाजपा की दो दिवसीय विस्तारित कमेटी की बैठक में कही। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस दौरान उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं को चेताते हुए कहा कि केंद्र में जाकर भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष व अन्य नेताओं की चुगली करना बंद करे।
राज्य संघों को मोटी रकम आवंटित करने समेत कई अहम मसलों पर बीसीसीआई द्वारा लोगों को गुमराह करने पर कड़ा एतराज जताते हुए उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति आर एम लोढा समिति ने आज कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके निर्देशों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
सरकार की एक अप्रैल से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की योजना के साथ राजस्व विभाग के समक्ष 60,000 फील्ड अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की एक बड़ी चुनौती है। विभाग अब तक केवल 3,074 कर्मियों को ही जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध करा पाया है।
विवादों में घिरी बीसीसीआई आज लोढा समिति की व्यापक प्रशासनिक सुधारों की सिफारिशों को लागू करने की पहली समयसीमा से चूक गयी क्योंकि उसे तकनीकी आधार पर अपनी विशेष आम बैठक को स्थगित करना पड़ा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार से पूछा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को दी जानी वाली छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य क्यों है।
केंद्र सरकार के रोजगार सृजन पर जोर के बावजूद देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। श्रम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश की बेरोजगारी दर 2015-16 में पांच प्रतिशत पर पहुंच गयी जो पांच साल का उच्च स्तर है।महिलाओं के मामले में बेरोजारी दर उल्लेखनीय रूप से 8.7 प्रतिशत के उच्च स्तर पर जबकि पुरूषों के संदर्भ में यह 4.3 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा केंद्र की भाजपा शासित सरकार के लिये खतरे की घंटी हो सकती है जिसने देश में समावेशी वृद्धि के लिये रोजगार सृजित करने को लेकर मेक इन इंडिया जैसे कई कदम उठाये हैं।